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Delhi: अपनी 4 दिवसीय यात्रा पर भारत पहुंचे फिजी के प्रधानमंत्री सीटिवेनी राबुका, एयरपोर्ट पर केंद्रीय मंत्री ने किया गर्मजोशी से स्वागत

शिक्षा एवं पूर्वोत्तर विकास राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री राबुका का स्वागत किया. यह यात्रा विभिन्न क्षेत्रों में भारत- फिजी साझेदारी को और गहरा करेगी.”

Fiji PM Sitiveni Rabuka

फिजी के पीएम सीटिवेनी राबुका दिल्ली पहुंचे.

फिजी गणराज्य के प्रधानमंत्री सीटिवेनी लिगामामादा राबुका (Fiji PM Sitiveni Rabuka) अपनी पत्नी सुलुवेती राबुका के साथ चार दिवसीय यात्रा पर रविवार को नई दिल्ली पहुंचे .केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने हवाई अड्डे पर उनका गर्मजोशी के साथ स्वागत किया.

Fiji PM Sitiveni Rabuka का एयरपोर्ट पर हुआ स्वागत

एक्स पर एक पोस्ट में, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने राबुका (Fiji PM Sitiveni Rabuka) का स्वागत किया और कहा कि उनकी यात्रा से विभिन्न क्षेत्रों में भारत- फिजी साझेदारी गहरी होगी. रणधीर जायसवाल ने कहा, ” फिजी के प्रधानमंत्री सिटिवेनी राबुका का उनकी पहली यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचने पर हार्दिक स्वागत है.

शिक्षा एवं पूर्वोत्तर विकास राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री राबुका का स्वागत किया. यह यात्रा विभिन्न क्षेत्रों में भारत- फिजी साझेदारी को और गहरा करेगी.”

पीएम मोदी से पीएम राबुका करेंगे मुलाकात

25 अगस्त को पीएम मोदी राबुका (Fiji PM Sitiveni Rabuka) से हैदराबाद हाउस में मुलाकात करेंगे. इसके साथ ही पीएम मोदी राबुका के सम्मान में डिनर का भी आयोजन करेंगे. पीएम राबुका राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मिलेंगे. 26 अगस्त को फिजी के नेता भारतीय विश्व मामलों की परिषद द्वारा आयोजित सप्रू हाउस में एक व्याख्यान देंगे. यह यात्रा 27 अगस्त को दिल्ली से उनके प्रस्थान के साथ समाप्त होगी.

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भारत और फिजी के बीच संबंध 1879 में शुरू हुए जब भारतीय मजदूरों (‘गिरमिटिया’) को गन्ने के बागानों में काम करने के लिए अनुबंध प्रणाली के तहत वहां लाया गया था. 1879 और 1916 के बीच, लगभग 60,553 भारतीयों को फिजी ले जाया गया. 20वीं सदी की शुरुआत में, भारतीय व्यापारी और अन्य लोग भी फिजी जाने लगे थे. हालांकि 1920 में अनुबंध प्रणाली को समाप्त कर दिया गया.1970 में फिजी की स्वतंत्रता से पहले, 1948 से भारत का एक आयुक्त वहां कार्यरत था, जिसे स्वतंत्रता के बाद उच्चायुक्त के पद पर पदोन्नत किया गया.

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-भारत एक्सप्रेस



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