देश

मोदी सरकार की इस योजना से शेखपुरा में बदली तस्वीर, बेकरी व्यवसाय से ग्रामीण बने आत्मनिर्भर; दे रहे रोजगार

खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को संगठित, सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम औपचारिकीकरण योजना (पीएमएफई) जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू होती नजर आ रही है. इसका प्रत्यक्ष उदाहरण बिहार के शेखपुरा जिले में देखने को मिल रहा है, जहां यह केंद्र प्रायोजित योजना ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में रोजगार सृजन, आत्मसम्मान और आर्थिक सशक्तीकरण का मजबूत माध्यम बनती जा रही है.

खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय द्वारा संचालित यह योजना छोटे उद्यमियों को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित कर रही है.

पंजाब से लौटकर अपने गांव में बना उद्यमी

शेखपुरा प्रखंड के पचना गांव निवासी बहादुर रविदास ने आईएएनएस से बातचीत में बताया कि पहले गांव में रहने के दौरान उन्हें स्थायी रोजगार नहीं मिल पाता था और कई बार हाथ खाली रह जाते थे. बेहतर भविष्य की तलाश में उन्होंने पंजाब जाकर काम करने का फैसला किया, जहां उन्हें एक बेकरी में काम करने का अवसर मिला. करीब 17 वर्षों तक बेकरी में काम करते हुए उन्होंने इस व्यवसाय की बारीकियां सीखीं. इसके बाद वह वापस बिहार लौटे और उद्योग विभाग से संपर्क किया, जहां उन्हें प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम औपचारिकीकरण योजना की जानकारी मिली.

उन्होंने योजना के तहत लोन के लिए आवेदन किया और कुछ समय बाद ऋण स्वीकृत हो गया. इस लोन की मदद से उन्होंने अपने गांव में ही बेकरी का काम शुरू किया और आज अपने कारोबार के माध्यम से दो अन्य लोगों को भी रोजगार दे रहे हैं.

युवाओं को दी आत्मनिर्भर बनने की राह

बहादुर रविदास ने बताया कि उनका व्यवसाय अच्छी तरह से चल रहा है और इसके लिए उन्होंने योजना शुरू करने तथा गरीबों के उत्थान के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया. उन्होंने युवाओं से भी इस योजना का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनने की अपील की.

इसी तरह, शेखपुरा जिले के निवासी सूबे साव ने भी पीएमएफई योजना को अपनी जिंदगी में बदलाव लाने वाली बताया. उन्होंने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि पहले वह छोटे-मोटे काम करके किसी तरह गुजारा कर रहे थे, जिसमें मुनाफा बहुत कम होता था. बाद में उन्हें प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम औपचारिकीकरण योजना के बारे में जानकारी मिली, जिसके बाद उन्होंने इस योजना के तहत लोन लेकर बेकरी का व्यवसाय शुरू किया.

बेकरी व्यवसाय से रोजगार और आर्थिक सुधार

उन्होंने बताया कि फिलहाल उनका कारोबार ठीक-ठाक चल रहा है और आने वाले समय में इसे और विस्तार देने की योजना है. इस व्यवसाय के जरिए वह अन्य लोगों को भी रोजगार उपलब्ध करा रहे हैं. सूबे साव ने कहा कि पहले उनकी आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर थी, लेकिन इस योजना के तहत मिले ऋण से बेकरी व्यवसाय शुरू करने के बाद उनकी आर्थिक हालत में उल्लेखनीय सुधार आया है. उन्होंने इस योजना को शुरू करने के लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पीएमएफई योजना ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान किया है.

ये भी पढ़ें: पीएम मोदी के प्रयासों से असम का बागुरुंबा नृत्य बना वैश्विक पहचान, गूगल सर्च में बनाया रिकॉर्ड

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस

आईएएनएस

Recent Posts

निठारी हत्याकांड: D-5 बंगले का नौकर, फिर सुप्रीम कोर्ट से बरी; जानिए कैसे गुमनामी में हुई सुरेंद्र कोली की मौत

निठारी कांड के आरोपी सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में संदिग्ध हालत में मौत. 2014 में…

3 hours ago

‘BTech की डिग्री, सिर पर कर्ज और 3 साल की बेटी’ मुरादाबाद में होमगार्ड भर्ती के दौरान युवा की मौत

मुरादाबाद में होमगार्ड भर्ती की 4800 मीटर दौड़ के दौरान BTech पास अभ्यर्थी की मौत.…

4 hours ago

19 सितंबर को मनाई जाएगी राधा अष्टमी, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और व्रत कथा

Radha Ashtami 2026: राधा अष्टमी 2026 में 19 सितंबर, शनिवार को मनाई जाएगी. मध्याह्न पूजा…

4 hours ago