BSF का ऊंट दस्ता
देश भर की सीमाओं को रखवाली करने वाला बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) के ऊंट दस्ता परेड में शामिल हुआ.
76वें गणतंत्र दिवस का परेड समारोह खत्म हो चुका है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कर्तव्य पथ पर तिरंगा फहराने के बाद हर साल की तरह इस बार भी शानदार परेड और झाकिंयों का प्रदर्शन किया गया. उत्तर प्रदेश से लेकर आंध्र प्रदेश तक देश के अलग-अलग राज्यों ने अलग-अलग थीमों पर झाकियों का प्रदर्शन किया. इस बार कुल 15 राज्यों और 16 मंत्रालयों की झाकियों काे परेड में जगह दी गई
सबसे पहली झांकी
कर्तव्य पथ पर सबसे पहली झांकी सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की रही. झांकी में संविधान की प्रस्तावना को प्रदर्शित किया गया.
पंजाब की झांकी में सुफी की झलक
पंजाब की ओर से आई झांकी में बाबा सूफी शेख फरीद का चित्रण किया गया. साथ ही गुरू ग्रंथ साहिब को भी दिखाया गया.
उत्तर प्रदेश की झांकी में कुंभ दर्शन
इस बार उत्तर प्रदेश की झांकी का थीम महाकुंभ रहा, जो 13 जनवरी से 26 फरवरी तक राज्य में चलने वाले महाआयोजन को दर्शा रहा था.
सालों बाद बिहार की झांकी
76वें गणतंत्र दिवस परेड में लगभग 8 सालों बाद बिहार की झांकी दिखी. झांकी में नालंदा विश्वविद्यालय के खंडहरों के चारों ओर बौद्ध भिक्षुओं को बैठे हुए दिखाया गया है. झांकी के अगले हिस्से में भगवान बुद्ध की ध्यानमग्न ‘धर्मचक्र मुद्रा’ में बैठी प्रतिमा थी, जो शांति और सद्भाव का प्रतीक है.