राहुल गांधी ने पुणे में की छात्राओं से बात, मनुस्मृति पर भी उठाए सवाल
Rahul Gandhi Chhatraon Ki Gunj: पुणे में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के ‘छात्राओं की गूंज’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया. जिसमें उन्होंने छात्राओं के कई मुद्दों पर बातचीत की. इस कार्यक्रम में हजारों की संख्या में छात्राएं आई और राहुल गांधी से सवाल पूछे. कार्यक्रम में आने को लेकर राहुल गांधी ने सभी का धन्यवाद किया और उनसे बातचीत की.
छात्राओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जैसे उनका यहां पर स्वागत किया गया है उसके लिए मैं सभी का तहे दिल से धन्यवाद करता हूं. मैं यहां आपलोगों को कोई लेक्चर देने नहीं आया हूं, मैं यह नहीं बताने आया हूं कि मैं क्या सोचता हूं. यहां मैं आपसे राजनीति पर बात करने नहीं आया हूं. मैं तो सिर्फ ये चाहता हूं कि आप खुद बतायें कि आप क्या सोचती हैं. आप क्या कहना चाहती हैं, मैं ये सुनने आया हूं.
राहुल गांधी ने आगे कहा कि आप सभी का मैं आज यहां स्वागत करता हूं. ऐसा पहली बार हो रहा है जब मुझे लड़के कम दिख रहे हैं या दिख ही नहीं रहे हैं. हर जगह लड़कियां ही हैं. मैं आपको कुछ याद दिलाना चाहता हूं कि आप सभी यूनिक हैं. स्पेशल हैं. आपके पास खुद का एक विजन है.
“I am not here to lecture you, nor am I here to tell you what I think or talk politics. I am here so that you can express your feelings.”
– Rahul Gandhi ❤️ pic.twitter.com/QRhVSNYe27
— Omniscient Chautala (@Highonchoorma) August 22, 2026
लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि क्या आप जानते हैं कि भारत की सबसे बड़ी ताकत क्या है. कोई इकोनॉमी कह सकता है तो कोई बोल सकता है कि हमारी मिलिट्री है. लेकिन इस बात को लेकर मैं पूरी तरह क्लियर हूं कि भारत की असल ताकत है हमारे देश की सशक्त और यूनिक महिलाएं.
उन्होंने कहा कि हमारे देश की सबसे बड़ी पूंजी महिलाएं हैं. उन्होंने कहा कि अगर आप किसी पुरुष से बात करेंगे तो वो महिलाओं को तीन बॉक्स में रखते हैं. एक बेटी, दूसरा पत्नी और तीसरे बॉक्स में मां होती हैं. इनमें कोई दिक्कत वाली बात नहीं है, लेकिन हमारी महिलाएं बहुत प्रतिभाशाली हैं.
ये भी पढ़ें- नितिन नवीन की नई टीम संग पीएम मोदी की पहली बैठक! संगठन में नई जान फूंकने का दिया संदेश
उन्होंने मनुस्मृति को लेकर भी बड़े सवाल खड़े किये. राहुल गांधी ने कहा कि मनुस्मृति में महिलाओं की पूरी तरह से गलत व्याख्या की गई है. जिसमें कहा गया है कि महिला अपने पिता, बेटे और पति की होती है. लेकिन यह बेहद शर्मनाक है. ऐसा नहीं बोला जाना चाहिये. महिलाओं को स्वतंत्र होना चाहिये. आप किसी की नहीं हैं आपकी अपनी पहचान है.
-भारत एक्सप्रेस
नालसार यूनिवर्सिटी में बोलते हुए जस्टिस उज्ज्वल भुइयां ने कहा कि चुनाव आयोग की SIR…
Vijay Sinha: बिहार सरकार के मंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में…
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस रोहिंटन नरीमन ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और वोटर लिस्ट…
भोपाल में गृह मंत्री अमित शाह ने देश को 2029 तक नशामुक्त बनाने का लक्ष्य…
इजराइल के स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी और जांबाज भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार को…
अहमदाबाद में पीएम मोदी के 25 वर्षों के जनसेवा सफर पर आधारित 'विकसित गुजरात से…