देश

बीजेपी को झटका! कल्याण-डोंबिवली में शिवसेना का बड़ा खेल, मेयर पद के लिए साथ आए शिंदे-ठाकरे

MNS Shiv Sena alliance in Kalyan Dombivli: महाराष्ट्र में निकाय चुनावों के नतीजों के बाद से अब मेयर की कुर्सी के लिए लड़ाई छिड़ चुकी है. कई निकायों में स्पष्ट बहुमत ना मिलने के कारण स्थिति साफ नहीं हो पाई है. इस बीच ठाणे जिले की कल्याण-डोंबिवली महा नगरपालिका में महायुति को स्पष्ट बहुमत मिला है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना के बीच मेयर पद के लिए यहां सबकुछ ठीक नहीं लग रहा है. अब खबर सामने आ रही है कि राज ठाकरे की MNS ने शिंदे गुट की शिवसेना के साथ कल्याण डोंबिवली में गठबंधन कर लिया है. जिसके बाद से कयास लगाए जा रहे हैं कि कहीं शिंदे गुट की शिवसेना अपने ही सहयोगी भाजपा के बिना मेयर बनाकर कोई बड़ा खेला न कर दे.

MNS और शिवसेना के बीच औपचारिक गठबंधन

दरअसल, MNS और शिवसेना(शिंदे गुट) के गठबंधन की औपचारिक घोषणा भी कर दी गई है. बता दें कि MNS के पूर्व विधायक राजू पाटिल ने पार्टी की ओर से इस गठबंधन का औपचारिक ऐलान किया था. वहीं इससे पहले शिवसेना के 53 पार्षद कमिश्नर के ऑफिस में पहुंचे थे. उसी समय MNS के पांच पार्षद भी वहां पहुंचे. इस बीच महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर दो विरोधी पार्टियों ने हाथ मिला लिया है. जोकि पिछले एक दशक में महाराष्ट्र की राजनीति में इस तरह के उदाहरण की झलक है. हालांकि दिलचस्प बात यह है कि MNS के प्रमुख खुद राज ठाकरे ने इस गठबंधन को लेकर अपने पार्षदों को चेतावनी दी है.

यह भी पढ़ें: 26 January पर खास AI चश्मे में दिखेगी दिल्ली पुलिस, 65 हजार अपराधियों की करेगा पहचान

समझिए अब आंकड़ों का खेल

दरअसल, हाल ही में हुए चुनावों में क्लयाण डोंबिवली की 122 सीटों पर शिंदे गुट की शिवसेना सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी. यहां शिवसेना को 53 सीटें और बीजेपी को 50 सीट पर जीत मिली थी. वहीं शिवसेना(UBT) को 11 और राज ठाकरे की पार्टी MNS को 5 सीटें मिली हैं. जबकि मेयर पद पर जीत दर्ज करने के लिए किसी भी उम्मीदवार को 62 पार्षदों का समर्थन चाहिए. अब MNS के पांच पार्षदों के समर्थन से शिवसेना के पास कुल 58 पार्षदों का समर्थन हो चुका है जिसको की गद्दी पर बैठने के लिए मात्र 4 पार्षदों के सहयोग की आवश्यकता है. वहीं बीजेपी को बिना शिवसेना के मेयर बनाने के लिए 12 पार्षदों की जरूरत पड़ेगी.

क्या बीजेपी के साथ हो जाएगा बड़ा खेला?

बता दें कि MNS के पांच पार्षदों के समर्थन के बाद अब शिवसेना के पास कुल 58 पार्षदों का समर्थन हो चुका है. जिसको की गद्दी पर बैठने के लिए मात्र 4 पार्षदों के सहयोग की आवश्यकता है. वहीं बीजेपी के पास मात्र 50 पार्षद ही हैं. जिसको बिना शिवसेना के मेयर बनाने के लिए 12 पार्षदों की जरूरत पड़ेगी. इस बीच खबर यह भी मिल रही है कि उद्धव गुट के कुछ पार्षद शिंदे के संपर्क में हैं. अगर शिंदे को 4 पार्षदों का समर्थन मिल जाता है तो कयास यह लग रहे हैं कि वो बीजेपी के बिना ही मेयर बना सकते हैं. क्योंकि बीजेपी ने मेयर पद के लिए ढाई-ढाई साल के कार्यकाल की बात भी रखी है.

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस

Rohit Agrawal

Recent Posts

आसमान में तैनात होगा भारत का स्वदेशी ‘जासूस’, DRDO ने HAPS एयरशिप का किया कामयाब ट्रायल

DRDO ने 21 किमी की ऊंचाई पर 'हाई एल्टीट्यूड प्लेटफॉर्म सिस्टम' (HAPS) का सफल परीक्षण…

34 minutes ago

पूर्व ऑस्ट्रेलियाई पीएम केविन रुड बोले- वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति मजबूत, पीएम मोदी के हुए मुरीद

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व पीएम केविन रुड ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप के मन में पीएम…

1 hour ago

योगी सरकार का सोलर कमाल: 2,942 मेगावाट पहुंची रूफटॉप क्षमता, ‘PM सूर्य घर योजना’ में उत्तर प्रदेश नंबर-1

उत्तर प्रदेश में 'प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना' से 2,942 मेगावाट क्षमता के रूफटॉप सोलर लग…

1 hour ago

SIR और चुनाव आयोग के खिलाफ INDIA ब्लॉक का हल्लाबोल, पुलिस ने राहुल गांधी को हिरासत में लिया

चुनाव आयोग के काम करने के तरीके और वोटर लिस्ट के स्पेशल गहन रिवीजन यानी…

2 hours ago

‘पाकिस्तानी हों या बांग्लादेशी, बख्शे नहीं जाएंगे’ अमित शाह की नीति का असर, घाटी से 150 अवैध विदेशी बाहर

गृह मंत्री अमित शाह की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत जम्मू-कश्मीर से 150 अवैध बांग्लादेशी…

2 hours ago