राजस्थान की राजधानी जयपुर में बुधवार को 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन का आगाज़ हुआ. राजस्थान अंतर्राष्ट्रीय केंद्र (आरआईसी) में आयोजित इस सम्मेलन का उद्घाटन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किया. देशभर से आए अधिकारियों, नीति-निर्माताओं और तकनीकी विशेषज्ञों की मौजूदगी में मुख्यमंत्री ने डिजिटल गवर्नेंस को लेकर राज्य और केंद्र सरकार की विभिन्न पहलों पर विस्तार से बात की.
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि साल 2014 के बाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में तकनीक के जरिए सुशासन को मजबूत करने की दिशा में बड़े बदलाव देखने को मिले हैं. उनके अनुसार, सरकारी सेवाओं को लोगों तक तेज़, पारदर्शी और आसान तरीके से पहुंचाने में डिजिटल तकनीक ने अहम भूमिका निभाई है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि जन-धन, आधार और मोबाइल (जेएएम) व्यवस्था ने सरकारी योजनाओं के लाभ वितरण की प्रक्रिया को काफी सरल बना दिया है. इससे बिचौलियों की भूमिका लगभग खत्म हो गई है और लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुंच रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) व्यवस्था के कारण सरकारी सहायता सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा हो रही है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है.
उन्होंने डिजिटल इंडिया अभियान और यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) का भी उल्लेख करते हुए कहा कि इन पहलों ने भारत को तेजी से डिजिटल अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ाया है. आज देश के करोड़ों लोग डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन सरकारी सेवाओं का लाभ आसानी से उठा रहे हैं.
सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कई नई डिजिटल पहलों की शुरुआत भी की. इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रियल टाइम सिस्टम (स्मार्ट) परियोजना, सेवा प्रबंधन प्रणाली, ई-मित्र व्हाट्सएप सेवा और राजस्थान इनोवेशन चैलेंज शामिल हैं. इसके साथ ही उन्होंने राज्य की डिजिटल गवर्नेंस उपलब्धियों पर आधारित एक कॉफी टेबल बुक का भी विमोचन किया.
नई ई-मित्र व्हाट्सएप सेवा आम लोगों के लिए खास सुविधा लेकर आई है. अब नागरिक सिर्फ 946106270 नंबर पर “Hi” भेजकर 27 सरकारी सेवाओं तक पहुंच बना सकेंगे. इसके बाद उन्हें उपलब्ध सेवाओं की सूची मिल जाएगी, जहां से वे बिजली और पानी के बिल जमा कर सकते हैं, विभिन्न प्रमाणपत्रों के लिए आवेदन कर सकते हैं और कई अन्य सरकारी सुविधाओं का लाभ सीधे व्हाट्सएप के माध्यम से उठा सकते हैं.
राज्य सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य लोगों को सरकारी दफ्तरों या ई-मित्र केंद्रों के बार-बार चक्कर लगाने से राहत देना है. इससे सेवाएं पहले की तुलना में अधिक आसान, तेज़ और सुविधाजनक होंगी.
इस राष्ट्रीय सम्मेलन में 80 से अधिक केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के प्रतिनिधियों के साथ 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारी भी शामिल हुए. यह सम्मेलन डिजिटल प्रशासन और नई तकनीकों के बेहतर उपयोग पर विचार-विमर्श का बड़ा मंच बन रहा है.
जानकारी के मुताबिक केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह गुरुवार को सम्मेलन में हिस्सा लेंगे और विभिन्न सत्रों को संबोधित करेंगे.
सम्मेलन की शुरुआत से पहले मुख्यमंत्री ने एक विशेष प्रदर्शनी का उद्घाटन किया. इस प्रदर्शनी में तकनीक आधारित सरकारी सेवाओं, डिजिटल नवाचारों और उभरती प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन किया गया. मुख्यमंत्री ने विभिन्न स्टॉलों का दौरा कर वहां प्रदर्शित समाधानों की जानकारी भी ली.
उद्घाटन सत्र समाप्त होने के बाद उन्होंने उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ एक गोलमेज चर्चा में भी भाग लिया. इस दौरान डिजिटल गवर्नेंस, नई तकनीकों के उपयोग और भविष्य की संभावनाओं पर विचार साझा किए गए.
इस अवसर पर राजस्थान के संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार मंत्री राजवर्धन सिंह राठौर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे. सम्मेलन के माध्यम से डिजिटल प्रशासन को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी और नागरिकों के अनुकूल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल पर चर्चा की जा रही है.
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-भारत एक्सप्रेस
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