सीतामढ़ी जिले में सिग्मा एंड कंपनी गैंग और उसके सरगना रंजन पाठक (Ranjan Pathak) का नाम सुनते ही लोगों के रोंगटे खड़े हो जाते थे. पिछले कुछ महीनों में इस गैंग ने कई खौफनाक वारदातों को अंजाम दिया था. गुरुवार तड़के दिल्ली के रोहिणी इलाके में हुए एनकाउंटर में रंजन पाठक (Ranjan Pathak) समेत उसके तीन साथियों को पुलिस ने ढेर कर दिया.
यह ऑपरेशन दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच और बिहार पुलिस की संयुक्त टीम ने मिलकर अंजाम दिया. रंजन पाठक (Ranjan Pathak) का नाम सितंबर 2025 में तब सुर्खियों में आया जब ब्रह्मर्षि सेना के पूर्व जिलाध्यक्ष गणेश शर्मा की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. इस घटना के बाद से सीतामढ़ी में दहशत का माहौल बन गया था.
गणेश की हत्या के कुछ दिन बाद रंजन (Ranjan Pathak) ने पत्रकारों को कॉल किया और सोशल मीडिया पर एक पर्चा पोस्ट किया. उसमें उसने खुद को भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ लड़ने वाला बताया और हत्या के पीछे आठ कारण गिनाए. उसने दावा किया कि उसकी लड़ाई न जाति से है, न धर्म से, बल्कि सिस्टम की नाइंसाफी से है. यह पर्चा वायरल हुआ और इलाके में सनसनी फैल गई.
पुलिस की माने तो रंजन और उसके गैंग ने सीतामढ़ी और आसपास के इलाकों में कई हत्याएं और रंगदारी की घटनाएं की थीं. इनमें गणेश शर्मा, मदन कुशवाहा और आदित्य सिंह की हत्याएं प्रमुख थीं. लोग उसका नाम लेने से भी डरते थे.
लेकिन आखिरकार गुरुवार सुबह रोहिणी में हुई मुठभेड़ में रंजन पाठक और उसके तीन साथी मारे गए. यह कार्रवाई कई हफ्तों की निगरानी और इंटेलिजेंस इनपुट का नतीजा थी. रंजन की मौत के साथ ही सिग्मा एंड कंपनी के आतंक का अंत हो गया. इलाके में अब लोग राहत की सांस ले रहे हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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