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रिलायंस जियो से संबंधित ‘केयर एक्सपर्ट’ ने मिस्र की कंपनी ‘टेलीकॉम इजिप्ट’ के साथ मिलाया हाथ

रिलायंस जियो से संबद्ध केयरएक्सप्रेस ने मिस्र में एक Advanced National Healthcare Platform लॉन्च करने के लिए मिस्र की कंपनी ‘टेलीकॉम इजिप्ट’ के साथ हाथ मिलाया है. दोनों कंपनियों ने एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं जिसके तहत यह प्लेटफॉर्म अस्पताल सूचना प्रबंधन प्रणाली (HIMS) को एकीकृत इलेक्ट्रॉनिक मेडिकल रिकॉर्ड से जोड़ेगा. इसके साथ ही, यह स्वास्थ्य सेवा प्लेटफॉर्म वैश्विक प्रथाओं के अनुसार नैदानिक ​​और प्रशासनिक डेटा प्रदर्शित करेगा.

नागरिकों को मिलेगी स्मार्ट और तेज़ स्वास्थ्य सेवा

खास बात यह है कि प्लेटफॉर्म डेटा मिस्र में नेशनल क्लाउड में संग्रहीत किया जाएगा। आपको बता दें कि केयरएक्सप्रेस एक अग्रणी एआई-संचालित स्वास्थ्य सेवा प्रौद्योगिकी कंपनी है.
भारत में, देश के कई सबसे बड़े सार्वजनिक और निजी स्वास्थ्य सेवा प्रदाता और अस्पताल जैसे अपोलो, सीके बिड़ला, रिलायंस, आर्टेमिस, एचसीएल, सिप्ला, रक्षा मंत्रालय, इनमें मल्टी-स्पेशलिटी, सुपर-स्पेशलिटी, सिंगल-स्पेशलिटी अस्पताल, चिकित्सा केंद्र, फ़ार्मेसी और डायग्नोस्टिक चेन शामिल हैं. इस प्लेटफ़ॉर्म के ज़रिए 1.5 करोड़ से ज़्यादा मरीज़ों का इलाज किया जा चुका है.

इस अवसर पर, केयरएक्सपर्ट प्लेटफ़ॉर्म की संस्थापक और सीईओ, अवंधी जैन ने कहा, “भारत और अन्य देशों में हमारे अनुभव ने हमें एक राष्ट्रव्यापी स्वास्थ्य क्लाउड पार्टनर के रूप में टेलीकॉम इजिप्ट को अपनी सेवाएँ प्रदान करने के लिए प्रोत्साहित किया है. टेलीकॉम इजिप्ट हमें बाज़ार में तेज़ी से पहुँचने और तेज़ी से सेवाएँ शुरू करने में मदद करेगा. यह प्लेटफ़ॉर्म मिस्र के नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान पहुँच प्रदान करेगा.”
टेलीकॉम मिस्र के प्रबंध निदेशक और सीईओ मोहम्मद नस्र ने कहा, “केयरएक्सपर्ट के साथ मिलकर, हम अस्पतालों को एक विश्वसनीय, उपयोग में आसान प्लेटफ़ॉर्म प्रदान करेंगे और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में अपनी तकनीकी विशेषज्ञता का भी लाभ उठाएँगे.

मेडिकल रिकॉर्ड्स होंगे एकीकृत

यह प्लेटफ़ॉर्म मरीज़ों के डेटा को गोपनीय रखेगा और परिचालन दक्षता को दोगुना करेगा. यह मिस्र के सतत डिजिटल परिवर्तन 2030 विजन के अनुरूप है.
इस हेल्थकेयर प्लेटफ़ॉर्म की ख़ासियत यह है कि यह चिकित्सा सुविधाओं की मौजूदा प्रणालियों के साथ सहजता से एकीकृत हो जाता है. यह बिलिंग प्रक्रिया को सरल बनाता है, जिससे राजस्व में वृद्धि होती है. यह नियामक मानकों का पालन करते हुए डेटा गोपनीयता को भी पूरी तरह बनाए रखता है. क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर के उपयोग के कारण, भविष्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) जैसे नए समाधान आसानी से जोड़े जा सकते हैं.”


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भारत एक्सप्रेस

Bharat Express Desk

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