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Haryana: पूर्व CM ने किया सम्मानित, ADGP पर लगाए गंभीर आरोप, ASI संदीप ने किया सुसाइड

एडीजीपी वाई पूरण सुसाइड मामले के तनाव के बीच, रोहतक साइबर सेल में तैनात एएसआई संदीप ने रविवार को अपने पुश्तैनी घर में आत्महत्या कर ली. जानकारी के अनुसार, संदीप मूल रूप से हरियाणा के जिंद जिले के रहने वाले थे और पांच साल पहले परिवार सहित रोहतक शिफ्ट हुए थे. संदीप तीन दिन पहले अपने दो मंजिला पुश्तैनी मकान में आए थे. मकान की पहली मंजिल उन्होंने किराए पर दी हुई थी. इस महीने की शुरुआत में, 15 अगस्त को मुख्यमंत्री मनोहर लाल सैनी ने संदीप को सम्मानित किया था लेकिन रविवार को घर लौटने के बाद, उनके खून से लथपथ शव की जानकारी मिलने पर परिवार और क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई.

परिवार ने मौत पर जताया दुख

परिजनों ने संदीप की मौत पर गहरा दुख जताते हुए न्याय की मांग की है. उनका कहना है कि जब तक मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होगी और न्याय नहीं मिलेगा, तब तक शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा. संदीप का परिवार सेवा और त्याग की परंपरा से जुड़ा रहा है. उनके पिता दयानंद पुलिस विभाग में इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत थे, लेकिन रिटायरमेंट के बाद लगभग 20 वर्ष पहले रेल हादसे में उनका निधन हो गया. संदीप के दादा भरत सिंह ने भारतीय सेना में सेवा की थी, और उन्हीं से प्रेरणा लेकर संदीप ने पुलिस विभाग में अपना करियर चुना.

संदीप के परिवार में उनकी पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा है. बड़ी बेटी प्रतिभा नीट की तैयारी कर रही है, जबकि छोटी बेटी नौवीं कक्षा में पढ़ाई कर रही है. बेटा राणू चौथी कक्षा में पढ़ता है. संदीप हमेशा से सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहे. वे जुलाना युवा क्लब के प्रधान भी रहे और कई रक्तदान शिविरों व पौधारोपण अभियानों में बढ़-चढ़कर भाग लेते थे. उनके सहयोगी उन्हें मिलनसार, मददगार और समाजसेवी के रूप में याद कर रहे हैं.

पुलिस ने शुरू की गहन जांच

पुलिस के अनुसार, एएसआई संदीप का शव लाढ़ोत-धामड़ रोड पर खेतों के बीच बने एक कोठरे में खून से लथपथ पाया गया. प्राथमिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि संदीप ने कनपटी पर गोली मारकर आत्महत्या की. मौके से सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है. वहीं, सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में संदीप ने दिवंगत एडीजीपी पूरण कुमार पर गंभीर आरोप लगाए थे.

पुलिस मामले की जांच कर रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच रिपोर्ट तैयार करेगी. परिवार का कहना है कि उन्हें न्याय मिलने तक अंतिम संस्कार नहीं करेंगे.

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-भारत एक्सप्रेस

Shreyansh Choubey

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