देश

सनातन का बजा डंका! 6 साल बाद आदिवासी गांव के 40 लोगों की ‘घर वापसी’, छोड़ा ईसाई धर्म

झारखंड के साहिबगंज जिले के बरहेट प्रखंड स्थित केशाफूली गांव में रविवार को एक विशेष ‘घर वापसी’ कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें करीब 40 महिला, पुरुष और बच्चों ने ईसाई धर्म छोड़कर पुनः हिंदू धर्म (सनातन) अपनाने की घोषणा की. यह कार्यक्रम हिंदू धर्म जागरण मंच के निरीक्षण में आयोजित किया गया था, जिसमें कई धार्मिक गुरुओं और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति रही.

ईसाई धर्म छोड़ ‘घर वापसी’

जानकारी के अनुसार, आदिवासी बहुल क्षेत्र से जुड़े केशाफूली गांव के इन लोगों ने लगभग छह वर्ष पहले हिंदू धर्म छोड़कर ईसाई धर्म अपना लिया था. अब उन्होंने धार्मिक अनुष्ठानों और विधि-विधान के साथ फिर से सनातन धर्म में आस्था व्यक्त करते हुए ‘घर वापसी’ की. कार्यक्रम का आयोजन स्वामी परमानंद बाबा करमाटांड़ और सिदरी गांव के धर्म गुरु बाबा शीतल सोरेन के मार्गदर्शन में किया गया.

अग्नि परीक्षा देकर अपनाया सनातन

घर वापसी कार्यक्रम में शामिल लोगों ने धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार अनुष्ठान किया. इस दौरान कुछ लोगों ने नंगे पांव अग्नि परीक्षा देकर अपनी आस्था का प्रदर्शन किया और भारत माता की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर सनातन धर्म के प्रति अपनी निष्ठा जताई. कार्यक्रम में शामिल सभी लोगों का पुष्पमाला पहनाकर स्वागत किया गया.

सामाजिक व धार्मिक कार्यकर्ता मौजूद रहे

इस अवसर पर कथावाचक संजय कृष्ण महाराज ने कहा कि हिंदू धर्म अपनी प्राचीन परंपराओं, संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों के कारण दुनिया में विशेष स्थान रखता है. उन्होंने कहा कि धर्म के प्रति आस्था और विश्वास समाज को जोड़ने का काम करते हैं और लोगों को अपनी जड़ों से जुड़े रहने की प्रेरणा देते हैं.


ये भी पढ़ें: उत्तम नगर हत्याकांड में ‘बुलडोजर एक्शन’! निजामुद्दीन का घर मटियामेट; अब तक क्या-क्या हुआ?


कार्यक्रम में हिंदू धर्म जागरण मंच के जिलाध्यक्ष पंकज कुमार राय, पलक राज दुलार मुंडा, गिरीवनवासी कल्याण आश्रम के प्रांत संगठन मंत्री कैलाश उरांव, जनजातीय सुरक्षा मंच के राष्ट्रीय सह-संयोजक डॉ. राजकिशोर हांसदा, सदानंद आश्रम दुमका के स्वामी आत्मानंद महाराज और प्रांत सचिव संतोष मंडल समेत कई सामाजिक व धार्मिक कार्यकर्ता मौजूद रहे.

कार्यक्रम के अंत में घर वापसी करने वाले सभी लोगों को सम्मानित किया गया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई. आयोजकों ने इसे सांस्कृतिक और धार्मिक जागरूकता से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम बताया.

-भारत एक्सप्रेस

Sahil Singh

पढ़ने-लिखने से शुरू हुआ सफर खबरों तक ले गया. पत्रकारिता को करियर बनाने का एक मात्र उद्देश्य—पढ़ना, साथ ही नई-नई चीज़ों को जानने की जिज्ञासा रखना था. आज से पहले ‘आज तक’ चैनल, उसके बाद दायित्व वेबसाइट, और अब भारत एक्सप्रेस में बतौर सब-एडिटर की भूमिका निभा रहा हूं.

Recent Posts

कौन है ओलंपियन परगट सिंह, जिनके हाथों में है अब पंजाब कांग्रेस की कमान?

पूर्व ओलंपियन और जालंधर कैंट से विधायक परगट सिंह को पंजाब कांग्रेस का नया प्रदेश…

8 hours ago

गांधी जयंती पर सीएम फडणवीस ने किया ‘एक्सपीरियंस सेंटर’ का उद्घाटन, देखिए कैसा होगा नया धारावी

गांधी जयंती पर सीएम देवेंद्र फडणवीस ने 'धारावी एक्सपीरियंस सेंटर' का उद्घाटन किया. 22,500 वर्ग…

9 hours ago

भोपाल में 3 अक्टूबर से लगेगी देश की अनोखी पुलिस प्रदर्शनी, गृह मंत्री अमित शाह होंगे मुख्य अतिथि

भोपाल के बीएचईएल मैदान में 3 से 7 अक्टूबर तक नवीन न्याय संहिताओं पर प्रदर्शनी…

9 hours ago

प्रेमानंद महाराज के आश्रम के बाहर धरने पर बैठा परिवार, 3 महीने से लापता है 16 साल का इकलौता बेटा

Premanand Maharaj Ashram: वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज के श्री राधा केली कुंज आश्रम से…

11 hours ago