Samrat Choudhary Political Journey: बिहार की सियासत में एक नया इतिहास रचने जा रहा है. भाजपा के कद्दावर नेता सम्राट चौधरी बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने जा रहे हैं, जिसकी औपचारिक पुष्टि कुछ देर में होने के आसार हैं. सम्राट के राजनीतिक सफर की बात करें तो सियासत सम्राट को विरासत में मिली है. उनके पिता शकुनी चौधरी बिहार के दिग्गज समाजवादी नेताओं में शुमार रहे हैं. दिलचस्प बात यह है कि सम्राट ने अपनी राजनीति का क, ख, ग उसी ‘लालू की पाठशाला’ (RJD) से सीखा, जिसके आज वो सबसे प्रखर विरोधी माने जाते हैं.
बताते चलें कि सम्राट चौधरी का राजनीतिक सफर जितना प्रभावशाली रहा है, उतना ही विवादों से भरा भी. 1999 में राबड़ी देवी की सरकार में वे महज 19 साल की उम्र में कृषि राज्य मंत्री बने थे. लेकिन, उनकी उम्र को लेकर उठे विवाद ने उन्हें कुर्सी छोड़ने पर मजबूर कर दिया.
तत्कालीन राज्यपाल सूरजभान ने उन्हें मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया था क्योंकि कागजों में उनकी उम्र मंत्री बनने की न्यूनतम सीमा (25 वर्ष) से कम पाई गई थी. उन पर धोखाधड़ी और गलत हलफनामा देने के आरोप भी लगे, लेकिन सम्राट ने इन चुनौतियों को पीछे छोड़ते हुए अपनी राजनीति को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया.
सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री बनकर एक बड़ा ‘मिथक’ तोड़ दिया है. बिहार के राजनीतिक इतिहास में जननायक कर्पूरी ठाकुर के बाद सम्राट चौधरी दूसरे ऐसे नेता हैं, जो पहले उपमुख्यमंत्री रहे और फिर मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचे. अनुग्रह नारायण सिंह से लेकर सुशील मोदी और तेजस्वी यादव तक कोई भी डिप्टी सीएम अब तक इस रिकॉर्ड को नहीं तोड़ पाया था.
सम्राट चौधरी का सियासी सफर तीन बड़े दलों से होकर गुजरा है:
RJD: यहां से करियर की शुरुआत की और कम उम्र में मंत्री बने.
JDU: नीतीश कुमार के साथ रहे और जीतन राम मांझी की सरकार में भी मंत्री पद संभाला.
BJP: भाजपा में शामिल होने के बाद वे पार्टी का मुख्य चेहरा बने. नीतीश सरकार के विरोध में उन्होंने ‘मुरेठा’ (पगड़ी) बांधी थी और कसम खाई थी कि जब तक नीतीश कुमार को सत्ता से नहीं हटाएंगे, पगड़ी नहीं खोलेंगे.
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चाहे कम उम्र का मामला हो या डिग्री पर उठे सवाल, सम्राट चौधरी विवादों के साये में भी अडिग रहे. प्रशांत किशोर से लेकर विपक्षी दलों ने उनकी शैक्षणिक योग्यता और शपथ पत्रों पर सवाल उठाए, लेकिन भाजपा ने उन पर भरोसा जताते हुए बिहार की कमान उनके हाथों में सौंप दी है.
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-भारत एक्सप्रेस
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