देश

पार्षद से प्रदेश अध्यक्ष तक का सफर; जानिए कौन हैं संजय सरावगी, जिनके हाथ में मिली बिहार BJP की बागडोर

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने दरभंगा के विधायक संजय सरावगी को बिहार भाजपा का अध्यक्ष नियुक्त किया है. पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं मुख्यालय प्रभारी अरुण सिंह ने सोमवार को इसकी घोषणा की.

राष्ट्रीय महासचिव ने नियुक्ति पत्र में कहा है कि जेपी नड्डा ने संजय सरावगी, विधायक, को भाजपा बिहार का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है. उन्होंने कहा कि यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू होगी. संजय सरावगी 2005 से लगातार छह बार से बिहार विधानसभा के सदस्य हैं. पहली बार 2005 फरवरी में दरभंगा सदर विधानसभा से विधायक चुने गए. उसके बाद 2005 (नवंबर), 2010, 2015, 2020 और 2025 में लगातार विधायक चुने गए.

संजय सरावगी की लंबी राजनीतिक यात्रा

वैश्य जाति से आने वाले सरावगी छात्र जीवन में 10 वर्षों तक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के विभिन्न पदों पर रहे. 1999 में इन्हें भारतीय जनता युवा मोर्चा का जिला मंत्री का दायित्व सौंपा गया. इसके बाद 2001 में दरभंगा नगर मंडल भाजपा के अध्यक्ष रहे. विधायक संजय सरावगी 2017 में बिहार विधानसभा की प्राक्कलन समिति के सभापति रहे. फरवरी 2025 में उन्हें बिहार सरकार में राजस्व और भूमि सुधार मंत्री की जिम्मेदारी दी गई. संजय सरावगी, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य, सहित कई जिलों के संगठन चुनाव प्रभारी और सदस्यता प्रभारी का भी दायित्व संभाल चुके हैं. संजय सरावगी को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी केंद्रीय नेतृत्व द्वारा तब सौंपी गई है जब बिहार के मंत्री नितिन नबीन को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है.

बिहार भाजपा में नया समीकरण

पार्टी के भीतर संजय सरावगी को वैश्य समाज के प्रभावशाली चेहरे के तौर पर देखा जाता है. ऐसे में उनका प्रदेश अध्यक्ष बनना सामाजिक संतुलन और चुनावी गणित के लिहाज से भी काफी अहम माना जा रहा है. बता दें कि दिलीप जायसवाल के बिहार सरकार में मंत्री बनने के बाद से ही माना जा रहा था कि बिहार में अध्यक्ष की जिम्मेदारी दूसरे किसी को सौंपी जाएगी.

ये भी पढ़ें: ‘ये किस तरह की राजनीति है’, पीएम मोदी के खिलाफ विवादित नारेबाजी का कंगना ने किया कड़ा विरोध

भारत एक्सप्रेस

Shreyansh Choubey

Recent Posts

उज्जैन में पत्थरबाजों की निकली हेकड़ी: दबोचे गए 20 उपद्रवी, मुंह छिपाते आए नजर

Ujjain Shahi Masjid controversy: उज्जैन शाही मस्जिद विवाद और पथराव के मामले में पुलिस ने…

10 minutes ago

निवेश से एक्सपोर्ट तक, कैसे यूपी बन रहा बिजनेस हब? जानें मंत्री नंद गोपाल नंदी की भूमिका

UP Investment Hub: उत्तर प्रदेश को निवेश और कारोबार का बड़ा केंद्र बनाने की कोशिशों…

18 minutes ago

यंग तुर्क की विरासत: कैसे बलिया की क्रांति आज भी उत्तर प्रदेश के राजनीतिक मिजाज को गढ़ रही?

Chandra Shekhar Young Turk: बलिया के पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर को ‘यंग तुर्क’ कहा गया, लेकिन…

47 minutes ago

सनोज मिश्र सभी आरोपों से बरी, तीस हजारी कोर्ट ने दी क्लीन चिट; अब वसीम रिजवी का क्या?

फिल्म निर्देशक सनोज मिश्र को दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने दुष्कर्म के एक मामले…

51 minutes ago

ग्रीन रिवोल्यूशन 2.0: कैसे सूर्य प्रताप शाही ने यूपी की कृषि अर्थव्यवस्था को आधुनिक बनाया

UP Agriculture में डिजिटल खेती, कृषि रिसर्च, प्राकृतिक खेती, सोलर पंप और बेहतर बाजार व्यवस्था…

1 hour ago

‘न पर्दा, न लाउडस्पीकर और न कोई ताम झाम!’ लालटेन की रोशनी में मंचन, यूनेस्को धरोहर ‘रामनगर रामलीला’ की अनकही कहानी

Ramnagar Ramlila: वाराणसी के रामनगर की रामलीला 220 साल से ज्यादा पुरानी जीवंत परंपरा है,…

1 hour ago