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शंकराचार्य विवाद से आहत सिटी मजिस्ट्रेट ने दिया इस्तीफा, 5 पेज का लेटर लिखकर पूछा- क्या ब्राह्मणों के नरसंहार की तैयारी है?

Bareilly City Magistrate Resignation: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) और शंकराचार्य विवाद को लेकर अब उत्तर प्रदेश में आरोप-प्रत्यारोप और इस्तीफे का खेल शुरू हो गया है. हालिया विवादों को लेकर बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने इस्तीफा दे दिया. हाथों में पीला पोस्टर लिए अलंकार अग्निहोत्री दिखाई दिये. जिसपर UGC और शंकराचार्य के अपमान को लेकर विरोध दर्ज कराया गया था.

बरेली मजिस्ट्रेट ने अपने इस्तीफे के दो कारण गिनाए हैं. पहला UGC के अपडेटेड नियम को बताया है. उनका कहना है कि यह जनरल कैटेगरी के छात्रों के अधिकारों के खिलाफ है. इससे सवर्ण छात्रों के खिलाफ कॉलेजों में उत्पीड़न बढ़ेगा.

वहीं दूसरा उन्होंने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों की पिटाई को कारण बताया है. उनका कहना है कि यह संतों का अपमान है. इससे समाज के एक बड़े वर्ग को आघात पहुंचा है.

बायकॉट बीजेपी का लगाया पोस्टर

अलंकार अग्निहोत्री ने इसको लेकर अपने आवास के बाहर एक पोस्टर लगाया है. जिसपर लिखा है है UGC-ROLLBACK काला कानून वापस लो, शंकराचार्य और संतों का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान #BOYCOTT BJP #BOYCOTT BRAHMAN MP MLA.

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार बरेली मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने 5 पेज का लेटर लिखा है. जिसमें उन्होंने कहा है कि माघ मेले के दौरान शंकराचार्य के बटुकों की चोटी खींची गई. उन्होंने सवाल पूछते हुए कहा कि क्या सरकार ब्राह्मणों के नरसंहार की तैयारी की है.

रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने अपने लेटर में लिखा,

इस प्रकार की घटनाएं किसी भी ब्राह्मण को अंदर से हिला देती है. लगता है कि मौजूदा सरकार और प्रशासन ब्राह्मणों और साधु-संतों के खिलाफ है और उनकी इज्जत के साथ खेल रही है. लगता है कि ब्राह्मणों पर बात करने वाला कोई नहीं है.

ये भी पढ़ें- शंकराचार्य विवाद गरमाया, युवक ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर हंगामे की ली जिम्मेदारी

UGC के हालिया नियमों में क्या है?

दरअसल केंद्र सरकार ने UGC के हालिया नियमों में बड़ा बदलाव किया है. जिसमें देश के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में UGC Equity Regulations 2026 लागू किया गया है. सरकार का कहना है कि इसे कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में जातिगत भेदभाव खत्म करने के लिए लाया गया है. इसको लाने का मकसद है, किसी भी छात्र के साथ उसकी जाति, बैकग्राउंड या जेंडर की वजह से बुरा बर्ताव न हो.

-भारत एक्सप्रेस

Govind Kumar Singh

गोविंद सिंह बिहार के कैमूर जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज से हासिल की और पटना कॉलेज, पटना से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखा और ईटीवी भारत, इनशॉर्ट्स और श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन जैसे संस्थानों में काम करते हुए समाचार लेखन, कंटेंट एडिटिंग, रिसर्च और न्यूज प्रोडक्शन का अनुभव हासिल किया। फिलहाल वह भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। उनकी पत्रकारिता का प्रमुख फोकस विदेश नीति, राष्ट्रीय राजनीति और बिहार से जुड़े मुद्दों पर है।

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