Shashi Tharoor on Cockroach Janta Party: सोशल मीडिया की दुनिया में इन दिनों एक अजीबोगरीब नाम ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) ने तूफान खड़ा कर रखा है. महज कुछ ही दिनों के भीतर इंस्टाग्राम पर 19 मिलियन (1.9 करोड़) से ज्यादा फॉलोअर्स बटोरने वाले इस व्यंग्य प्लेटफॉर्म के ‘X’ (ट्विटर) अकाउंट को जब भारत में कानूनी मांग के बाद ब्लॉक किया गया, तो कूटनीतिक गलियारों में भी इसकी गूंज सुनाई दी. इस मुद्दे पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने खुलकर अपनी बात रखी है.
शशि थरूर का यह बयान सिर्फ सरकार की कार्रवाई का विरोध नहीं है, बल्कि यह देश के समूचे विपक्ष के लिए एक बड़ी चेतावनी और खुली नसीहत भी है. थरूर ने साफ कहा है कि विपक्ष को इसे महज एक ‘सोशल मीडिया जोक’ समझकर हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठना चाहिए.
शशि थरूर ने ‘CJP’ का बचाव करते हुए सरकार द्वारा इसके ‘X’ अकाउंट को रोकने को ‘विनाशकारी और नासमझी भरा’ कदम बताया. थरूर ने कहा, “एक जीवंत लोकतंत्र में असहमति, हास्य, व्यंग्य और यहां तक कि निराशा को भी खुलकर जाहिर करने के लिए पर्याप्त जगह होनी चाहिए. युवाओं के पास अपनी भावनाएं जाहिर करने का कोई न कोई माध्यम होना चाहिए, इसलिए CJP के अकाउंट को प्रतिबंधित करने के बजाय उसे काम करने की अनुमति दी जाए.”
इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में थरूर ने इसके वायरल होने के पीछे की गहरी सामाजिक वजहों का विश्लेषण किया. उन्होंने कहा कि यह कोई साधारण मजाक नहीं है, बल्कि देश के युवाओं का मौजूदा सिस्टम के प्रति गहरा आक्रोश है.
बेरोजगारी, महंगाई और अवसरों की कमी से युवा पहले ही परेशान थे, लेकिन NEET पेपर लीक वह आखिरी तिनका साबित हुआ जिसने उनके सब्र का बांध तोड़ दिया. सालों की मेहनत और कर्ज में डूबे परिवारों के सपनों पर जब पानी फिरता है, तो यह युवाओं को मानसिक रूप से तबाह कर देता है. थरूर के मुताबिक, कई छात्रों की आत्महत्या और डिप्रेशन इसी राष्ट्रीय चिंता का नतीजा है.
इस पूरे डिजिटल आंदोलन को लेकर शशि थरूर ने विपक्ष के सामने एक आईना रखा है. उनके इस बयान में विपक्षी पार्टियों के लिए तीन सबसे बड़ी सीख छिपी हुई हैं. थरूर ने साफ शब्दों में लिखा कि यह एक ऐसा बड़ा अवसर है, जिसे विपक्षी पार्टियों को हर हाल में भुनाना चाहिए. युवाओं का यह गुस्सा वोट की ताकत में बदल सकता है, बशर्ते विपक्ष इसे सही दिशा दे.
कांग्रेस सांसद ने चेतावनी दी कि नई पीढ़ी (Gen Z) अब पारंपरिक और घिसी-पिटी राजनीति से ऊब चुकी है. वे नए विकल्प तलाश रहे हैं. अगर मुख्यधारा के विपक्षी दल युवाओं की भाषा में उनसे सीधा संवाद नहीं करेंगे, तो ऐसे डिजिटल मूवमेंट और मजबूत होंगे और विपक्ष अप्रासंगिक हो जाएगा.
शशि थरूर ने माना कि युवाओं का गुस्सा सिर्फ सरकार तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरा राजनीतिक ढांचा उनकी नजरों में गिर रहा है. विपक्ष को आगे बढ़कर युवाओं को यह भरोसा दिलाना होगा कि उनके पास युवाओं की समस्याओं (शिक्षा, रोजगार) को लेकर एक ठोस और प्रभावी प्लान है.
अभिजीत दिपके द्वारा शुरू किया गया यह प्लेटफॉर्म खुद को ‘आलसी और बेरोजगार लोगों की आवाज’ कहता है. थरूर ने तमिलनाडु के हालिया चुनावों का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां बड़ी संख्या में युवा वोटर्स ने बदलाव के लिए मतदान किया था. उन्हें उम्मीद है कि CJP के पीछे जो भी युवा दिमाग हैं, वे अपनी इस अद्भुत और अनोखी डिजिटल ऊर्जा को देश की मुख्यधारा की राजनीति से जोड़ेंगे, ताकि यह गुस्सा आने वाले समय में लोकतांत्रिक बदलाव की एक ऐसी गूंज बने जिसे नजरअंदाज करना किसी भी हुकूमत के लिए मुमकिन न हो.
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