संवाददाता- मनोज चौबे, ग्वालियर
ग्वालियर में एक रिटायर्ड शिक्षक का मामला चर्चा में आया है, जिसमें बुजुर्ग शिक्षक अपने हक के लिए संघर्ष करते हुए प्रशासन और सरकार के हर दरवाजे तक पहुंचे हैं, लेकिन अब तक उन्हें न्याय नहीं मिला है. ये शिक्षक ट्रिपल MA और LLB किए हुए हैं, अपने हक को पाने के लिए दर दर की ठोकरें खा रहे हैं. यह मामला उस शिक्षक के संघर्ष का है, जो रिटायरमेंट के बाद शासन से मिलने वाली सुविधाओं से वंचित है.
पारिवारिक जीवन की कठिनाईयों का सामना कर रहे बुजुर्ग शिक्षक पूरन सिंह जाट ने 1998 में शिक्षा कर्मी के रूप में शिक्षा विभाग में नौकरी शुरू की थी और 2024 में रिटायर हो गए. उन्हें रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली सुविधाओं में से NPS के बकाया 20 लाख रुपए, ग्रेच्युटी के 15 हजार, द्वितीय क्रमोन्नति एरियर के लगभग एक लाख और जनवरी 2024 से जुलाई 2024 तक 7 प्रतिशत एरियर की राशि करीब 25 हजार रुपये मिलनी थी, लेकिन अब तक उन्हें यह राशि नहीं मिल पाई है.
रिटायर्ड शिक्षक ने इस विषय में 119 आवेदन दिए हैं, जिनमें से उन्होंने संकुल ऑफिस, जिला कलेक्टर की जनसुनवाई और CM हेल्पलाइन तक में आवेदन भेजे हैं, लेकिन हर बार उन्हें अधिकारियों से निराशा ही मिली. अधिकारियों द्वारा उनका आवेदन लेने के बाद उन्हें बार-बार यह आश्वासन दिया जाता है कि उनका मामला विचाराधीन है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है.
वहीं रिटायर्ड शिक्षक ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि मुझे अपना परिवार का पालन-पोषण करने में कठिनाई हो रही है. वहीं उन्होंने बताया कि स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा कहा गया है कि उनकी भर्ती शिक्षा कर्मी के रूप में साल 1998 में हुई थी इसलिए वह मुझे नाजायज औलाद बताते हैं जबकि शिक्षक और सहायक शिक्षक को विभाग की जायज औलाद बताते हैं. ऐसे में सौतेला व्यवहार करते हुए विभाग के अधिकारी कहते हैं कि सीनियर अधिकारियों के साथ समझौता कर लो तो हम तुम्हे तुमारी राशि जारी कर दी जाएगी.
बुजुर्ग शिक्षक अपने 119वें आवेदन के साथ रिटायर्ड शिक्षक पूरन सिंह ने ग्वालियर कलेक्टर रुचिका सिंह चौहान से अपनी पीड़ा को साझा किया और अपनी लंबित राशि की शीघ्र रिलीज की अपील की. इस पर जिला पंचायत के CEO विवेक कुमार ने संज्ञान लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी से इस मामले की जानकारी तलब की है. विवेक कुमार का कहना है कि इस मामले में कुछ विधिक समस्याएं हैं, जिन्हें जल्द ठीक करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए हैं. उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही बुजुर्ग शिक्षक की शेष राशि जारी की जाएगी.
यह देखना होगा कि आखिरकार यह वृद्ध रिटायर्ड शिक्षक कब तक अपने हक को पा सकेंगे. फिलहाल, उनकी संघर्ष की कहानी लगातार सामने आ रही है, और समाज की निगाहें इस मामले पर टिकी हुई हैं कि कब तक उन्हें न्याय मिलेगा.
-भारत एक्सप्रेस
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