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वायु प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने जताई नाराजगी, दिल्ली पुलिस कमिश्नर को नोटिस जारी कर मांगा जवाब

Supreme Court: पराली जलाने से होने वाले वायु प्रदूषण के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई है. कोर्ट ने पटाखे बैन के बावजूद फोड़े जाने पर दिल्ली पुलिस कमिश्नर को नोटिस जारी कर एक सप्ताह में जवाब मांगा है. कोर्ट 14 नवंबर को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा. फंड को लेकर पंजाब सरकार की ओर से दिए गए प्रोपोजल को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा कि उसे स्वीकार करें या खारिज करें. अगर केंद्र सरकार प्रोपोजल को खारिज करती है तो कारण बताना होगा. कोर्ट ने एक सप्ताह में फैसला लेने को कहा है. सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली- एनसीआर में वाहनों पर कलर कोडेड स्टीकर व्यवस्था लागू नहीं किए जाने पर नाराजगी जताई. सुप्रीम कोर्ट ने सड़क परिवहन मंत्रालय को 13 दिसंबर, 2023 को जारी किए गए हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट मामले में जारी निर्देशों को लागू नहीं किए जाने पर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया.

संबंधित राज्यों को भी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों को लेकर दिए गए आदेश का पालन नहीं करने पर नाराजगी जताई. कोर्ट ने कहा कि दिल्ली में वायु प्रदूषण की स्थिति बेहद खराब है. जस्टिस ओका ने पूछा दिल्ली सरकार की ओर से कौन पेश हो रहा है? अखबारों में बड़े पैमाने पर खबरें आ रही हैं कि पटाखों पर प्रतिबंध लागू नहीं हुआ? केंद्र की ओर से एएसजी ने कहा कि हां पूरी तरह उल्लंघन हुआ है.

जस्टिस एएस ओका ने कहा कि हम चाहते हैं कि दिल्ली सरकार तुरंत जवाब दे कि ऐसा क्यों हुआ. हमें ये तुरंत सुनना होगा. असली समस्या यह है कि यह सब वायु निवारण अधिनियम, 1981 के तहत है, जिसमें इस वर्ष संशोधन के बाद केवल दंड का प्रावधान है. कुछ तो करना ही होगा. या तो जो लोग प्रतिबंध के बावजूद पटाखे बेच रहे हैं, उनके परिसर को सील किया जाना चाहिए. हम इस पर गौर करेंगे.

एमिकस क्यूरी ने कहा कि एक रिपोर्ट में बताया गया था कि दिवाली के दिन प्रदूषण में भारी बढ़ोतरी हुई थी. प्रदूषण का प्रतिशत 10 प्रतिशत से 27 प्रतिशत हो गया.

दिल्ली पुलिस कमिश्नर को नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार से हलफनामा देने को कहा है कि आखिर पटाखों पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध क्यों नहीं लगाया गया. साथ ही कोर्ट ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को नोटिस जारी कर एक सप्ताह में जवाब मांगा है. कोर्ट ने पंजाब और हरियाणा से भी हलफनामा देने को कहा है. कोर्ट ने दोनों राज्यों से पूछा कि अंतिम 10 दिनों में पराली जलाने से संबंधित कितनी घटनाएं सामने आई है. कोर्ट ने 13 नवंबर तक हलफनामा दाखिल करने को कहा है.

जस्टिस ओका ने कहा कि लोग दूसरे राज्यों से पटाखे ला रहे हैं. दिवाली से पहले जन अभियान चलाना होगा, जनता में समझ की कमी है. एक सप्ताह के भीतर दिल्ली सरकार और पुलिस कमिश्नर जवाब दें।एमिकस क्यूरी ने कहा कि इस साल दिवाली की रात प्रदूषण का स्तर 2022 और 2023 की तुलना में अधिक था। इस बार लॉर्डशिप पहले से ही इससे निपट रहे थे, लेकिन फिर भी ऐसा हुआ.

गोपाल कृष्ण

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