कोर्ट ने कही ये बात
12 दिसंबर 2024 को एनसीएलएटी ने सभी प्रोजेक्टों को पूरा करने की जिम्मेदारी एनबीसीसी को सौंप दिया है. कोर्ट ने एनबीसीसी को 12 से 36 माह में परियोजनाओं को पूरा करने के लिए कहा है. इन परियोजनाओं को पूराहोने से 49748 फ्लैट खरीदारों को उनका फ्लैट मिलेगा. मार्च 2025 तक औपचारिकता पूरी कर ली गई थी. मई 2025 तक एनबीसीसी को इन प्रोजेक्टों पर काम शुरू करना था.
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25 हजार खरीदार फंसे
इन प्रोजेक्ट में बनने वाले फ्लैट का अधिकांश पैसा खरीदार बिल्डर को दे चुके हैं. इन प्रोजेक्ट में नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना विकास के करीब 20 से 25 हजार खरीदार हैं. जिन परियोजनाओं में काम शुरू होना था, उनमें इकोविलेज-1, इकोविलेज-3 स्पोर्ट्स विलेज, ईको सिटी, नार्थ आई, अपेकंटी, मेरठ स्पोर्ट्स सिटी, ग्रीन विलेज, हिलटाउन, अरावली, रिवर फ्रेंष्ट और केपटाउन शामिल थी. पिछले साल एनसीएलएटी ने सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कंपनी को सुपरटेक लिमिटेड की करीब 9500 करोड़ रुपये की लागत वाली 16 आवासीय परियोजनाओं को पूरा करने के लिए परियोजना प्रबंधन सलाहकार नियुक्त किया था.