Swami Avimukteshwaranand: उत्तर प्रदेश सरकार और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बीच टकराव अब खुलकर सामने आ गया है. इस कड़ी में अब प्रयागराज मेला प्राधिकरण ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को एक ऑफिसियल नोटिस जारी कर दिया है. नोटिस में उनके द्वारा स्वयं को शंकराचार्य घोषित किए जाने पर गंभीर आपत्ति दर्ज की है. बता दें कि यह नोटिस माघ मेला क्षेत्र में लगाए गए उनके शिविर के बोर्ड पर ‘शंकराचार्य’ शब्द के प्रयोग को लेकर भेजा गया है, जिसको प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट की अवहेलना की केटेगरी में रखा है.
क्या है विवाद की असल जड़?
दरअसल, प्रयागराज में आयोजित माघ मेला (Prayagraj Magh Mela) देश के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है. जहां विश्वभर से लाखों श्रद्धालु, संत और धर्माचार्य एकत्र होते हैं. इसी मेला क्षेत्र में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का भी शिविर लगा हुआ है. इस शिविर में लगे एक बोर्ड को लेकर मेला प्राधिकरण सख्त हो गया है. बता दें कि बोर्ड में उन्हें “ज्योतिष्पीठ शंकराचार्य” के रूप में दर्शाया गया है. इसी शब्दावली को लेकर मेला प्रशासन ने आपत्ति जताते हुए नोटिस जारी किया है. मेला प्राधिकरण का कहना है कि शंकराचार्य पद से संबंधित मामला वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट (SC) में विचाराधीन है, ऐसे में किसी भी व्यक्ति द्वारा स्वयं को शंकराचार्य घोषित करना न्यायालय की प्रक्रिया में हस्तक्षेप माना जा सकता है.
नोटिस में क्या कहा गया है?
प्रयागराज मेला प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ने शंकराचार्य को नोटिस जारी कर दिया है. नोटिस में सुप्रीम कोर्ट के केस 3010/2020 का जिक्र करते लिखा है कि शंकराचार्य पद का मामला माननीय सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है. जब तक इस मामले में कोई स्पष्ट ऑर्डर नहीं आ जाता, तब तक धर्माचार्य ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य के रूप में किसी भी व्यक्ति की सार्वजनिक घोषणा नहीं की जा सकती. इसके बावजूद मेला शिविर के बोर्ड में अपने आप को शंकराचार्य घोषित कर रखा है, जोकि सुप्रीम कोर्ट की सीधी अवहेलना है.
मेलाधिकारी ने क्या बताया?
मेलाधिकारी ऋषिराज का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने 14 अक्टूबर 2022 को शंकराचार्य प्रोटोकॉल देने पर रोक लगाई थी. आदेश का पालन करते हुए मेला में उन्हें शंकराचार्य ज्योतिषपीठ नहीं बल्कि बद्रिका आश्रम सेवा शिविर के नाम पर जमीन आवंटित की गई. वहीं बता दें कि सोमवार को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में मेला अधिकारी ने उन्हें स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के नाम से संबोधित किया.
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
Indian Space Research: इसरो ने रचा नया इतिहास! श्रीहरिकोटा से NVS-03 नेविगेशन सैटेलाइट को सफलतापूर्वक…
Sardar Vallabhbhai Patel Jayanti: सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और…
राष्ट्रीय एकता दिवस के मौके पर दिल्ली में आयोजित 'एकता दौड़' के दौरान गृह मंत्री…
US Deference Policy: H-1B वीजाधारकों के लिए बुरी खबर: अमेरिका सरकार 'डेफरेंस टू प्रायर अप्रूवल्स'…
Vande Bharat Sleeper Train: दिल्ली-वाराणसी के बीच पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को आज दिखाई…
New Bijli Connection Rate: जानिए एलटी सिंगल फेज और थ्री फेज बिजली कनेक्शन की नई…