Weather Update: उत्तर भारत के लिए जनवरी का यह महीना किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं साबित हो रहा है. पूरा उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत इस समय ‘कोल्ड टॉर्चर’ से गुजर रहा है. बुधवार को भी कड़ाके की ठंड और शीतलहर का कहर जारी रहा, और फिलहाल मौसम के मिजाज को देखकर ऐसा नहीं लग रहा कि जल्द ही राहत मिलने वाली है. आलम यह है कि पंजाब और हरियाणा के कई शहरों में दिन का पारा सामान्य से करीब 10 डिग्री नीचे चला गया है, जिसने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है.
अगर हम पहाड़ी राज्यों की बात करें, तो कश्मीर घाटी में हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं. वहां ठंड सिर्फ महसूस नहीं हो रही, बल्कि दिखाई दे रही है. श्रीनगर की विश्व प्रसिद्ध डल झील के कई हिस्से पूरी तरह जम चुके हैं. सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों में नाविकों को बर्फ की चादर तोड़कर रास्ता बनाते देखा जा सकता है. श्रीनगर में न्यूनतम तापमान माइनस 5.2 डिग्री तक जा चुका है, जबकि शोपियां माइनस 7.5 डिग्री के साथ राज्य का सबसे ठंडा इलाका बना हुआ है.
दरअसल, कश्मीर अभी ‘चिल्लाई-कलां’ के दौर से गुजर रहा है. यह 40 दिनों की वह अवधि होती है जब ठंड अपने चरम पर होती है. हालांकि, मौसम विभाग का कहना है कि 16 जनवरी से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिससे हल्की बर्फबारी होने पर कड़ाके की इस शुष्क ठंड से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.
राजधानी दिल्ली की बात करें तो बुधवार को यहां के लोगों ने थोड़ी राहत की सांस ली. धूप निकलने की वजह से अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा, जो इस मौसम के हिसाब से सामान्य है. लेकिन रात होते ही ठंड ने फिर अपने तेवर दिखाए और न्यूनतम तापमान गिरकर 3.8 डिग्री पर पहुंच गया.
दिल्ली के पड़ोसी राज्यों में स्थिति कहीं ज्यादा खराब है. गुरुग्राम के बाहरी इलाकों में सुबह के वक्त घास पर पाले की सफेद परत ऐसी जमी दिखी मानो हल्की बर्फबारी हुई हो.
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मैदानी इलाकों में हरियाणा का हिसार सबसे ज्यादा प्रभावित रहा, जहां रात का तापमान महज 0.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. पंजाब के बठिंडा में भी पारा 1.6 डिग्री के करीब रहा.
कोहरे की स्थिति यह थी कि विजिबिलिटी शून्य हो गई, जिसके कारण सड़कों पर गाड़ियों की रफ्तार थम गई और कई उड़ानें व ट्रेनें अपने निर्धारित समय से घंटों देरी से चलीं. बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने कई जिलों में स्कूलों की छुट्टियां आगे बढ़ा दी हैं.
मौसम विज्ञानियों का कहना है कि इस साल पश्चिमी विक्षोभ की कमी रही है, जिसकी वजह से मैदानी इलाकों में पहाड़ों से आने वाली सीधी बर्फीली हवाओं का रास्ता साफ हो गया है. इसी ‘कोल्ड वेव’ ने पूरे उत्तर भारत को अपनी चपेट में ले रखा है. IMD ने चेतावनी दी है कि अगले दो दिनों तक पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में घना कोहरा और शीतलहर जारी रहेगी.
बता दें कि फिलहाल, 15 जनवरी तक कोहरे और ठंड का यह दौर थमता नजर नहीं आ रहा है. उत्तर भारत के लोगों को अभी कुछ और दिन भारी जैकेटों और अंगीठी के सहारे ही काटने होंगे.
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-भारत एक्सप्रेस
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