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Weather Today: अप्रैल का आधा महीना बीतते-बीतते प्रकृति ने अपने तेवर पूरी तरह बदल लिए हैं. पिछले कुछ हफ्तों से जो सुहावना मौसम हमें राहत दे रहा था, अब वह इतिहास बनने जा रहा है. आज 14 अप्रैल है और देश के मौसम में एक अजीब सा बंटवारा दिख रहा है. एक तरफ जहां दिल्ली-एनसीआर और मध्य भारत के राज्यों में सूरज आग उगलने को तैयार है, वहीं दूसरी ओर पहाड़ों और पूर्वोत्तर के राज्यों में आंधी-तूफान के साथ बारिश का साया बना हुआ है. यानी आज आपको एक ही देश में कहीं छाता तो कहीं एसी की जरूरत पड़ने वाली है.
राजधानी दिल्ली और इसके पड़ोसी शहरों नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद के लोगों के लिए खबर थोड़ी चिंताजनक है. सुहावने मौसम का दौर अब खत्म हो चुका है. मौसम विभाग (IMD) की मानें तो आज आसमान बिल्कुल साफ रहेगा और तेज धूप निकलेगी. दोपहर 1 बजे से शाम 4 बजे के बीच गर्मी अपने चरम पर होगी और पारा 39 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है.
कुछ इलाकों में तो यह 40 डिग्री का आंकड़ा भी छू सकता है. हालांकि, राहत की बात यह है कि फिलहाल लू (Heat Wave) का अलर्ट नहीं है, लेकिन कंक्रीट के जंगलों वाले नोएडा और ग्रेटर नोएडा में ऊष्मा कैद होने की वजह से तपिश ज्यादा महसूस होगी.
उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान में भी अब राहत की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है. लखनऊ से लेकर पटना और जयपुर तक, सूरज की किरणें अब चुभने लगी हैं. उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आज लू जैसी स्थिति बनी रहेगी. लखनऊ और पटना में तापमान 37-38 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है.
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले एक हफ्ते में तापमान में 4 से 6 डिग्री की और बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे मैदानी इलाकों में दोपहर के वक्त सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगेगा.
मध्य प्रदेश में गर्मी अब आक्रामक रुख अख्तियार कर चुकी है. सोमवार को रतलाम 41.2 डिग्री के साथ प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा. ग्वालियर, भोपाल, इंदौर और उज्जैन में भी पारा तेजी से चढ़ रहा है.
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 16 और 17 अप्रैल से झाबुआ, धार, खरगोन, खंडवा और सीधी-सिंगरौली जैसे जिलों में भीषण लू चलने वाली है. 15 अप्रैल को एक नया मौसम सिस्टम जरूर बन रहा है, लेकिन वह इतना कमजोर है कि गर्मी से कोई राहत नहीं दिला पाएगा.
मैदानी इलाकों के उलट, देश के 9 राज्यों में आज झमाझम बारिश और आंधी का अलर्ट है. सिक्किम, असम, मेघालय और पश्चिम बंगाल में 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. तिनसुकिया और डिब्रूगढ़ जैसे जिलों में वज्रपात (बिजली गिरने) का भी खतरा है.
उधर, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल में बारिश के चलते पारा गिरेगा. मनाली में तो तापमान शून्य से नीचे (-5 डिग्री) तक जा सकता है. उत्तराखंड में आज तो धूप खिली रहेगी, लेकिन 16 अप्रैल से चमोली, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ जैसे जिलों में बारिश का दौर फिर शुरू होगा.
दक्षिण भारत के कर्नाटक और केरल में भी आज हल्की बारिश और आंधी की संभावना है. लेकिन इन सबके बीच सबसे ज्यादा चिंताजनक खबर मॉनसून को लेकर है. इस साल दक्षिण-पश्चिम मॉनसून सामान्य से कम (करीब 92%) रहने की उम्मीद है. जून से सितंबर के बीच होने वाली यह कम बारिश खेती-किसानी और देश की अर्थव्यवस्था के लिए आने वाले समय में बड़ी चुनौती बन सकती है.
इस भीषण गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि दोपहर के समय बेवजह घर से बाहर न निकलें. अगर निकलना जरूरी हो, तो सिर को ढक कर रखें और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें. शरीर को हाइड्रेटेड रखने के लिए पानी, नारियल पानी या ओआरएस का घोल लेते रहें. याद रखें, इस मौसम में लापरवाही महंगी पड़ सकती है.
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-भारत एक्सप्रेस
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