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क्या होता है करेंसी चेस्ट, जिससे आपकी जेब में पहुंच रहे फर्जी नोट?

What is Currency Chest: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की करेंसी चेस्ट से करीब ₹17.29 करोड़ के जाली नोट मिलने और फिर मेरठ के एक्सिस बैंक में ₹4.63 लाख के नकली नोट बरामद होने से देश के बैंकिंग जगत में हड़कंप मच गया है.

ऐसे में यह भी लोगों के मन में एक सवाल यह भी है कि आखिर करेंसी चेस्ट है क्या? आइए जानते है कि यह है क्या और इस घटना से आम लोगों को क्या नुकसान होगा?

आखिर क्या होती है करेंसी चेस्ट?

करेंसी चेस्ट असल में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा अधिकृत एक ऐसी तिजोरी होती है, जहां नए और पुराने नोटों का भारी भंडार रखा जाता है. यहीं से उस इलाके के तमाम एटीएम और बैंक शाखाओं में नकदी की आपूर्ति की जाती है.

सीधे शब्दों में कहें तो यह पूरे बैंकिंग सिस्टम का ‘कैश पावरहाउस’ है. अब जब ऐसी जगह ही करोड़ों के नकली नोट पहुंच जाएं, तो सीधे तौर पर आम जनता की जेब और देश की अर्थव्यवस्था पर खतरा मंडराने लगता है.

अंदरूनी मिलीभगत या मशीनों की नाकामी?

इस महाघोटाले ने पूरे सिस्टम को कटघरे में खड़ा कर दिया है. सवाल उठ रहा है कि करेंसी चेस्ट में हर नोट को परखने वाली अत्याधुनिक नोट सॉर्टिंग मशीनें इन नकली नोटों को पकड़ने में कैसे नाकाम रहीं? क्या मशीनों को जानबूझकर बंद रखा गया था?

पीएनबी मामले की शुरुआती जांच में तो यह बात सामने आई है कि असली कैश निकालकर वहां जाली नोटों के बंडल सजा दिए गए थे. जाहिर है, बिना बैंक कस्टोडियन और जिम्मेदार स्टाफ की मिलीभगत के ऐसा कर पाना मुमकिन नहीं था.

जनता पर क्या असर और आगे का रास्ता?

करेंसी चेस्ट से नकली नोट बाहर आने का सीधा मतलब है कि ये जाली नोट किसी भी वक्त एटीएम के जरिए आम नागरिकों के हाथों में पहुंच सकते हैं. वहीं, नियम के तहत आरबीआई ऐसे बैंकों पर 100 फीसदी का कड़ा वित्तीय जुर्माना लगाता है, जिससे बैंकों की साख को भी गहरा धक्का पहुंचता है.

पुलिस फिलहाल, करेंसी किन-किन बैंकों से लाई गई इस बार में भी जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है. इस सनसनीखेज खुलासे ने उस जगह की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसे देश का सबसे सुरक्षित ठिकाना माना जाता था.

बता दें कि देश की हर बैंक शाखा में करेंसी चेस्ट नहीं होता है. करेंसी चेस्ट केवल भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा अधिकृत चुनिंदा और मुख्य बैंक शाखाओं में ही स्थापित किए जाते हैं. यह रिपोर्ट विशेष रूप से सहारनपुर और मेरठ के विशिष्ट बैंक चेस्ट मामलों से संबंधित है. इसका देश की समग्र अर्थव्यवस्था या अन्य शहरों व बैंक शाखाओं की सामान्य सुरक्षा पर कोई प्रभाव नहीं है.

यह भी पढ़ें: मध्य प्रदेश में 20 साल बाद फिर दौड़ेंगी सरकारी बसें: मोहन सरकार शुरू करेगी ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’, जानिए क्या है नया मॉडल

-भारत एक्सप्रेस

Vaibhav Gupta

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