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बाहरी दुनिया के शोर से पाएं मुक्ति, जानिए कर्णपीड़ासन करने का सही तरीका और फायदे

Karnapidasana Benefits: आज की तेज रफ्तार जिंदगी में तनाव, चिंता और मानसिक थकान आम समस्या बन चुकी है. ऐसे में योग केवल शरीर को फिट रखने का ही नहीं, बल्कि मन को शांत और एकाग्र बनाने का भी प्रभावी माध्यम माना जाता है. इन्हीं योगासनों में कर्णपीड़ासन (Karnapidasana) एक महत्वपूर्ण आसन है, जिसे नियमित अभ्यास के साथ करने पर शरीर और मन दोनों को लाभ मिल सकता है.

क्या है कर्णपीड़ासन?

‘कर्णपीड़ासन’ संस्कृत के तीन शब्दों—कर्ण (कान), पीड़ा (दबाव) और आसन (मुद्रा)—से मिलकर बना है. इस आसन में घुटनों को कानों के पास लाकर हल्का दबाव दिया जाता है. योग विशेषज्ञों के अनुसार, यह मुद्रा बाहरी शोर और विचलनों से ध्यान हटाकर व्यक्ति को भीतर की शांति और एकाग्रता की ओर केंद्रित करने में मदद कर सकती है.

कर्णपीड़ासन करने का सही तरीका

इस आसन को करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर पीठ के बल सीधा लेट जाएं. दोनों हाथों को शरीर के साथ रखें और हथेलियां जमीन की ओर रखें. अब धीरे-धीरे पैरों को ऊपर उठाकर सिर के पीछे ले जाएं और हलासन की स्थिति बनाएं. इसके बाद घुटनों को मोड़ते हुए उन्हें कानों के दोनों ओर जमीन की तरफ लाने का प्रयास करें. सामान्य गति से सांस लेते रहें और 30 से 60 सेकंड तक इस स्थिति में बने रहें. फिर धीरे-धीरे वापस सामान्य अवस्था में लौट आएं.

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कर्णपीड़ासन के फायदे

नियमित अभ्यास से रीढ़ की हड्डी का लचीलापन बढ़ाने में मदद मिल सकती है. यह आसन कमर और पेट की मांसपेशियों को सक्रिय करता है, जिससे शरीर का संतुलन बेहतर होता है. योग परंपरा के अनुसार, यह तनाव कम करने, मानसिक शांति बनाए रखने, एकाग्रता बढ़ाने और पाचन तंत्र को बेहतर रखने में भी सहायक माना जाता है.

किन लोगों को बरतनी चाहिए सावधानी?

यह आसन सभी के लिए उपयुक्त नहीं होता. जिन लोगों को गर्दन या रीढ़ की गंभीर समस्या, हर्निया, अनियंत्रित हाई ब्लड प्रेशर, ग्लूकोमा या अन्य गंभीर स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हैं, उन्हें इसका अभ्यास बिना विशेषज्ञ की सलाह के नहीं करना चाहिए. शुरुआत हमेशा किसी प्रशिक्षित योग शिक्षक की निगरानी में करना बेहतर माना जाता है.

कर्णपीड़ासन नियमित और सही तरीके से अभ्यास करने पर मानसिक शांति, शरीर के लचीलेपन और एकाग्रता को बेहतर बनाने में सहायक हो सकता है. हालांकि, इसे अपनी क्षमता के अनुसार और आवश्यक सावधानियों के साथ ही करना चाहिए, ताकि इसका पूरा लाभ सुरक्षित रूप से मिल सके.

भारत एक्सप्रेस

Swati Pandey

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