स्वीडन के आसमान में पीएम मोदी को मिला विशेष सम्मान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने पांच देशों के आधिकारिक दौरे के तीसरे पड़ाव पर रविवार को स्वीडन पहुंच गए हैं. स्वीडन की सीमा में प्रवेश करते ही प्रधानमंत्री मोदी के विमान का स्वागत बहुत ही खास अंदाज में किया गया. स्वीडिश वायुसेना के अत्याधुनिक ‘ग्रिपेन’ लड़ाकू विमानों ने आसमान में पीएम मोदी के विमान को चारों तरफ से घेरकर सुरक्षा दी और उसे एस्कॉर्ट करते हुए गुटेनबर्ग (गोटेसबर्ग) हवाई अड्डे तक लाए. यह स्वीडन सरकार की ओर से भारत के प्रधानमंत्री को दिया गया एक बड़ा और विशेष सम्मान है. इससे पहले उनके इस दौरे के पहले पड़ाव पर यूएई पहुंचने पर भी वहां के एफ-16 लड़ाकू विमानों ने पीएम मोदी के विमान को इसी तरह एस्कॉर्ट किया था.
नीदरलैंड्स की अपनी सफल यात्रा पूरी करने के बाद जब प्रधानमंत्री मोदी स्वीडन के लैंडवेटर हवाई अड्डे पर उतरे, तो वहां उनका बेहद गर्मजोशी से स्वागत हुआ. नीदरलैंड्स में उन्हें वहां के प्रधानमंत्री रॉब येतन ने विदा किया था, जबकि स्वीडन पहुंचने पर खुद स्वीडिश प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन ने हवाई अड्डे पर मौजूद रहकर पीएम मोदी का स्वागत किया. स्वीडन में भारत के राजदूत अनुराग भूषण के अनुसार, स्वीडन में रहने वाले भारतीय समुदाय के लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस दौरे को लेकर बहुत ज्यादा उत्साहित हैं. इस यात्रा से दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और कूटनीतिक संबंध और ज्यादा मजबूत होंगे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन के विशेष निमंत्रण पर यहां रविवार और सोमवार यानी दो दिनों के दौरे पर आए हैं. इस दौरे के दौरान दोनों देशों के नेताओं के बीच एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक होगी. इस बैठक में भारत और स्वीडन के बीच व्यापार, निवेश और नई तकनीकों के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की जाएगी. आपको बता दें कि भारत और स्वीडन के बीच आपसी व्यापार साल 2025 में 7.75 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच चुका है. इसके साथ ही साल 2000 से 2025 के बीच स्वीडन ने भारत में करीब 2.82 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) भी किया है. इस बार दोनों देशों का मुख्य ध्यान पर्यावरण के अनुकूल तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रक्षा, अंतरिक्ष और मजबूत सप्लाई चेन बनाने पर रहेगा.
अपनी इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी एक बेहद महत्वपूर्ण बिजनेस कार्यक्रम में भी शामिल होंगे. वे स्वीडन के प्रधानमंत्री और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ मिलकर ‘यूरोपीय राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री’ (ERT) को संबोधित करेंगे. यह मंच यूरोप की सबसे बड़ी और टॉप कंपनियों के प्रमुखों (CEOs) का एक समूह है. इस बैठक का उद्देश्य भारत और यूरोप के बीच व्यापारिक रिश्तों को एक नई ऊंचाई पर ले जाना है. इससे पहले पीएम मोदी साल 2018 में पहले भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए स्वीडन गए थे. स्वीडन का यह दौरा पूरा करने के बाद पीएम मोदी अपने पांच देशों के सफर के अगले पड़ाव के लिए नॉर्वे और फिर इटली रवाना होंगे.
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