भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में आरोपी महेश राउत को सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल राहत मिल गई है. कोर्ट ने महेश राउत को मेडिकल ग्राउंड पर अंतरिम जमानत की अवधि को 26 नवंबर तक के लिए बढ़ा दिया है. पिछली सुनवाई के दौरान जस्टिस एम. एम सुंदरेश ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि एक अंग्रेजी फिल्म में एक कहावत है, अगर आप एक व्यक्ति को मारते हैं, तो आप हत्यारे हैं, लेकिन अगर आप हजार लोगों को मारते हैं, तो आप विजेता हैं, बस यही अंतर है.
बता दें कि 33 वर्षीय कार्यकर्ता महेश राउज को निचली अदालत से जमानत मिल गई थी. लेकिन बाद में रद्द कर दिया गया. कोर्ट ने जमानत देते हुए कहा था कि एनआईए ने उनके खिलाफ जो सबूत पेश किए, वो अफवाह थे. उनकी पुष्टि नही हो पाई. कोर्ट ने कहा था कि राउत को कुछ हद तक, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ( माओवादी) का सदस्य कहा जा सकता है लेकिन किसी आतंकी गतिविधि के लिए उन्हें जिम्मेदार नहीं ठहराया गया है.
कोर्ट ने कहा था कि एनआईए यह साबित नही कर सकी कि वह प्रतिबंधित संगठन में लोगों की भर्ती करने में शामिल थे. राउत को जून 2018 में गिरफ्तार किया गया था और फिलहाल वह मुंबई के बाहरी इलाके में स्थित तलोजा जेल में बंद है.
मामला दिसंबर, 2017 को पुणे में आयोजित एलगार परिषद से संबंधित है. पुणे पुलिस के अनुसार माओवादियों ने इस सम्मेलन का आयोजन किया था. पुलिस ने आरोप लगाया था कि सम्मेलन में दिए गए भड़काऊ भाषणों के कारण अगले दिन पुणे में कोरेगांव- भीमा युद्ध स्मारक पर हिंसा हुई.
ये भी पढ़ें: चुनावों में ईवीएम के जगह बैलेट पेपर से कराने की मांग को लेकर दायर पुनर्विचार याचिका खारिज- दिल्ली हाईकोर्ट
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
गृह मंत्री अमित शाह 9 नवंबर को गांधीनगर में ₹1,024 करोड़ के 30 प्रोजेक्ट्स का…
अंबाला में गृह मंत्री अमित शाह ने 'आजादी की पहली लड़ाई के शहीद स्मारक' का…
20 नवंबर को बिहार में एनडीए सरकार के एक वर्ष का कार्यकाल पूरा हो रहा…
MP Greenfield Corridor: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश में 63,296 करोड़ रुपये की…
सज्जाद जहीर उर्दू साहित्य के प्रमुख लेखक, प्रगतिशील लेखक संघ के संस्थापक और कम्युनिस्ट विचारक…
UPSC Mains Result 2026 Civil Services exam interview: UPSC ने सिविल सेवा मुख्य परीक्षा 2026…