दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पूरी की बेटी हिमायनी पूरी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. कोर्ट ने हिमायनी पूरी से जुड़े सोशल मीडिया पोस्ट हटाने के खिलाफ दायर याचिका पर यह नोटिस जारी किया है. कोर्ट 7 मई को याचिका पर सुनवाई करेगा. यह याचिका रायपुर के समाजिक कार्यकर्ता कुणाल शुक्ला ने दायर की है.
दायर याचिका में कुणाल शुक्ला ने केंद्रीय मंत्री हरदीप पूरी की बेटी हिमायनी पूरी को जेफरी एपस्टीन से जोड़ने वाले मानहानि कारक आरोपों के प्रकाशन पर रोक लगाने वाले अंतरिम आदेश को रद्द करने की मांग की है. हिमायनी पूरी ने 10 करोड़ रुपए के मानहानि में दावा किया कि उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर एक सुनियोजित अभियान चलाया जा रहा है. इसमें उन्हें एपस्टीन और उनकी आपराधिक गतिविधियों से जोड़कर गलत जानकारी फैलायी जा रही हैं. जिससे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुच रहा है. 17 मार्च 2026 को दिल्ली हाई कोर्ट के सिंगल जज जस्टिस मिनी पुष्करना ने अंतरिम आदेश जारी किया. इसमें एक्स, गूगल, यूट्यूब, मेटा सहित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और अज्ञात संस्थाओं को भारत मे ऐसी सामग्री हटाने का निर्देश दिया है.
समाजिक कार्यकर्ता कुणाल शुक्ला का कहना है कि विवादित सामग्री न तो झूठी है और न ही दुर्भाग्यपूर्ण. यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और खोजी पत्रकारिता के दायरे में आता है. उन्होंने दलील दी कि यह आदेश संविधान के अनुच्छेद 19 (1)(a) के तहत मिले अधिकार पर पूर्व प्रतिबंध लगाता है और खोजी रिपोर्टिंग पर ठंडा प्रभाव डालता है.
दायर अपील में यह भी कहा गया था कि अदालत ने बिना यह देखे कि क्या कोई कम सख्त उपाय पर्याप्त होगा सीधे व्यापक हटाने का आदेश दे दिया.पिछली सुनवाई के दौरान पूरी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील महेश जेठमलानी ने कहा था कि उन्हें बहुत ही घटिया पोस्ट से टारगेट किया जा रहा है. वह अनजान लोगों के खिलाफ जॉन डो ऑर्डर की मांग कर रहे हैं. जेठमलानी ने कहा था कि यह कंटेंट एक सोचे-समझे हमले का हिस्सा लगता है, जो पर्सनल और संभावित पॉलिटिकल द्वेष की ओर इशारा करता है. जुड़े विवाद पर उनका नाम घसीटने पर आपत्ति जताई है.
पूरी ने मानहानि का मुकदमा दायर कर उन सभी ऑनलाइन समाचार रिपोर्टों, पोस्टों, वीडियो और अन्य सामग्री को हटाने की मांग की है. साथ ही हिमायनी ने सोशल मीडिया संस्थाओं और अज्ञात व्यक्तियों (जॉन डो) पर 10 करोड़ रुपए मानहानि का दावा किया है. पूरी की बेटी का दावा है कि ये आरोप और हमले इसलिए किए जा रहे हैं, क्योंकि वह केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पूरी की बेटी है. जो पहले इंडियन फॉरेन सर्विस में काम कर चुके हैं और अभी केंद्रीय कैबिनेट में एक सीनियर पद पर हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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