DNA Test in Rape Case: दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि बलात्कार जैसे अपराध की सत्यता का निर्धारण के लिए आरोपी का डीएनए नमूना लेने में बल प्रयोग किया जाना उचित है, क्योंकि डीएनए परीक्षण से ही उसका वैज्ञानिक हल निकल सकता है. जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने कहा कि बलात्कार के मामलों में डीएनए विश्लेषण सहित रक्त परीक्षण लगभग अनिवार्यहो गया है. उन दोनों के लिए रक्त का नमूना लेना पुलिस का कर्तव्य है. इसके लिए आवश्यक बल प्रयोग भी किया जा सकता है.
इस मामले में महिला ने बलात्कार के आरोपी की डीएनए जांच के मजिस्ट्रेट की अदालत के आदेश को रद्द करने के सत्र अदालत के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. इसपर अदालत ने यह टिप्पणी की है. मामले के अनुसार महिला की आरोपी से दोस्ती हो गई थी और दोनों के कथित इस रिश्ते से एक बच्चा पैदा हुआ था.
आरोपी ने इस आधार पर डीएनए जांच का विरोध किया था कि महिला विवाहिता है और साक्ष्य कानून के तहत उसे रक्त का नमूना देने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता है. कोर्ट ने कहा कि महिला उस समय तक अपने पति से अलग हो चुकी थी. अपराध साबित होने या गलत साबित करने के लिए डीएनए जांच से बेहतर कोई सबूत नहीं हो सकता है. इसलिए नमूना लिया जाना अनिवार्य है. उसने यह कहते हुए आरोपी को रक्त का नमूने देने के लिए सक्षम अधिकारी के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दिया.
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-भारत एक्सप्रेस
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