लीगल

यासीन मलिक को पर्याप्त चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने का दिल्ली हाई कोर्ट ने दिया आदेश

टेरर फंडिंग मामले (Terror funding case) में दोषी की ओर से दायर अर्जी पर दिल्ली हाई कोर्ट ने तिहाड़ जेल प्रशासन को पर्याप्त चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने का आदेश दिया है. जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने यह आदेश दिया है. मामले की सुनवाई के दौरान तिहाड़ जेल प्रशासन की ओर से पेश वकील ने मलिक की चिकित्सा रिपोर्ट पेश किया, जिसमें कहा गया है कि यासीन मलिक को कोई जानलेवा बीमारी नहीं है.

अपील दायर किए हो गए 3 साल: यासीन

जेल प्रशासन ने कोर्ट को बताया है कि यासिन मलिक के स्वास्थ्य के मुताबिक, जेल के अंदर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध नहीं होने पर उन्हें दूसरे अस्पताल ले जाया जाएगा. इससे पहले सुनवाई के दौरान यासीन मलिक तिहाड़ जेल से वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये पेश होकर कहा था कि एनआईए द्वारा मौत की सजा के लिए अपील दायर किए तीन साल हो गए हैं. किसी व्यक्ति को इस तरह असमंजस में रखना कि उसे मौत की सजा मिलेगी या नहीं एक मानसिक यातना है.

मामले में खुद करेंगा बहस

पिछली सुनवाई के दौरान यासीन मलिक ने दिल्ली हाई कोर्ट को बताया था कि वह मामले में खुद बहस करेगा. वह किसी वकील के माध्यम से बहस करना नहीं चाहते है. बल्कि व्यक्तिगत रूप से मामले पर बहस करेंगे. हाईकोर्ट ने यासीन मलिक से पूछा था कि क्या वह केस कानूनों और दस्तावेजों पर जवाब दाखिल करना चाहते हैं. यासीन मलिक ने कोर्ट से यह भी कहा था कि उन्हें इस बारे में सोचने के लिए कुछ समय चाहिए. जिसके बाद कोर्ट ने यासीन मलिक को समय दे दिया था.

याचिका में कहा गया था कि ओसामा बिन लादेन के तर्ज पर यासीन मलिक को फांसी की सजा होनी चाहिए. इससे पहले 11 जुलाई को हाई कोर्ट के जज जस्टिस अमित शर्मा ने मामले से खुद को अलग कर लिया था. क्योंकि वो एनआईए की तरफ से 2010 में बतौर अभियोजक के तौर पर पेश हो चुके है. जिसके बाद मामले को हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के पास भेज दिया गया था.

गुनाह कबूल कर फांसी से बचा

पिछली सुनवाई में एनआईए की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि यासीन मलिक ने फांसी की सजा से बचने के लिए बड़ी चालाकी से अपना अपराध कबूल किया है. अदालत ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुना दी, जबकि उसके खिलाफ इस तरह का अपराध है, जिसके तहत फांसी की सजा होती है. इस तरह से कोई भी आतंकवादी वारदात कर गुनाह कबूल कर लेगा और फांसी की सजा से बच जाएगा.

बता दें कि 25 मई 2022 को पटियाला हाउस कोर्ट ने हत्या और टेरर फंडिंग के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. कोर्ट ने यासीन मलिक पर यूपीए की धारा 17 के तहत आजीवन कारावास और 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था. 10 मई 2022 को यासीन मलिक ने अपना गुनाह कबूल कर लिया था.

ये भी पढ़ें: नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सोनिया-राहुल के खिलाफ दायर चार्जशीट पर राऊज एवेन्यु कोर्ट 16 दिसंबर को सुनाएगा फैसला

-भारत एक्सप्रेस

गोपाल कृष्ण

Recent Posts

10 या 11 नवंबर, कब है भाई दूज? असमंजस हुआ दूर, जानिए तिलक का सही शुभ मुहूर्त

भाई दूज 2026 की तारीख को लेकर असमंजस है कि यह पर्व 10 नवंबर को…

11 seconds ago

आखिर क्यों सुप्रीम कोर्ट ने विजयन को तुरंत राहत देने से किया इनकार? जानिए 26 अक्टूबर का बड़ा पेंच

Supreme Court: केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन की ओर से दायर याचिका पर जल्द…

46 seconds ago

नवरात्रि की षष्ठी पर पीएम मोदी ने मां कात्यायनी को किया नमन, साझा किया ‘भवानी अष्टकम’ भजन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुक्रवार को मां कात्यायनी को नमन करते हुए सोशल…

8 minutes ago

पीएम मोदी इस साल के अंत में जाएंगे कनाडा; व्यापार, ऊर्जा और सुरक्षा पर होगी चर्चा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस वर्ष के अंत में 11-12 दिसंबर को कनाडा की यात्रा करेंगे.…

20 minutes ago

आखिर क्यों दो वक्त की रोटी के लिए मोहताज हुआ पाकिस्तान? जानिए हंगर इंडेक्स की रिपोर्ट का कड़वा सच

Pakistan News: ग्लोबल हंगर इंडेक्स की रिपोर्ट ने पाकिस्तान में गहराते भुखमरी संकट का उजागर…

24 minutes ago

20 या 21 अक्टूबर, कब मनेगा दशहरा? जानिए विजयादशमी की सही तारीख और रावण दहन का शुभ मुहूर्त

दशहरा 2026 में 20 अक्टूबर को मनाया जाएगा या 21 अक्टूबर को? दशमी तिथि दो…

41 minutes ago