पुलिस थानों से ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गवाही देने से संबंधित मामले में सुनवाई के दौरान कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया निष्पक्ष सुनवाई की अवधारणा से समझौता करती है. मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की पीठ ने यह टिप्पणी की है. कोर्ट ने कहा कि निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार अनुच्छेद 21 से प्राप्त होता है. यह प्राविधान अनुच्छेद 14 के अंतर्गत आ भी सकता है और नही भी आ सकता है, यह तर्क का विषय है.
हालांकि सवाल यह है कि क्यों विशेष रूप से पुलिस थानों को ही नामित किया गया. इसपर एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ने कोर्ट से कहा कि अगली सुनवाई में इस मुद्दे पर फिर से विचार करेंगे. कोर्ट 10 दिसंबर को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा. कोर्ट अधिवक्ता राज गौरव की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा है. गौरव ने दलील देते हुए कहा कि अधिसूचना निष्पक्ष और पारदर्शी आपराधिक मुकदमें बाजी की प्रक्रिया को कमजोर करती है, क्योंकि गवाहों का क्रॉस एग्जामिनेशन कार्यपालिका नियंत्रित परिसर में होगी.
सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने टिप्पणी करते हुए कहा कि हम यहां नए अधिकार बनाने के लिए नही बैठे है.आपको दिखाना होगा कि यह प्रावधान संविधान के किस अनुच्छेद से टकराता है. कोर्ट ने कहा कि न्यायिक समीक्षा में कोई भी कानून या प्रावधान तभी रद्द हो सकता है, जब विधायी अक्षमता हो या वह संविधान का उल्लंघन करता हो. राज्यपाल के आदेश में पुलिस अधिकारियों को थानों से ही अदालतों में सबूत पेश करने की अनुमति दी गई है. भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 530 के मुताबिक, सभी गवाही इलेक्ट्रॉनिक तरीके से कराने के प्रावधान का पालन हो सकेगा और न्याय व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने में मदद मिलेगी.
ये भी पढ़े: फिल्म अभिनेता अभिषेक बच्चन को दिल्ली हाई कोर्ट से मिल सकती है राहत
Also Follow Bharat Express on X
-भारत एक्सप्रेस
चुनाव आयोग ने यूपी-बिहार समेत 17 राज्यों में स्पेशल संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) शुरू करने का…
Delhi Protest News: राहुल गांधी की समर्थक नेहा बोरा बोलीं- 'बांग्लादेश ने हमें एक रास्ता…
आईटी संसदीय समिति के अध्यक्ष डॉ. निशिकांत दुबे ने स्टारलिंक के मुद्दे पर एलन मस्क…
जेआरडी टाटा को 1929 में भारत का पहला पायलट लाइसेंस मिला था. इसके बाद उन्होंने…
हिमाचल प्रदेश भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने…
पेपर लीक और नकल जैसी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने…