सुप्रीम कोर्ट ने बीजेपी कार्यकर्ता योगेश गौड़ा हत्या मामले में आरोपी पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता विनय कुलकर्णी की ओर से दायर याचिका को खारिज कर दिया है. जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस मनमोहन की पीठ ने कुलकर्णी की उस मांग को खारिज कर दिया है, जिसमें सरेंडर की अवधि को बढ़ाने की मांग की थी. कुलकर्णी ने सरेंडर की अवधि को सात दिन के लिए बढ़ाने की मांग की थी.
पिछले दिनों कोर्ट ने कुलकर्णी की जमानत को रद्द करते हुए सरेंडर करने को कहा था. सुप्रीम कोर्ट ने साल 2016 में कर्नाटक के धारदाड जिले में बीजेपी कार्यकर्ता योगेश गौड़ा की हत्या के मामले में वर्ष 2021 में जमानत पर बाहर आए थे. जिनकी जमानत रद्द करने की मांग को लेकर कर्नाटक सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई थी. जस्टिस संजय करोल की अध्यक्षता वाली पीठ ने अहम टिप्पणी करते हुए जमानत को रद्द कर दिया था.
कर्नाटक सरकार ने आरोप लगाया था कि कुलकर्णी ने जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया है और गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश की है. कुलकर्णी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मनिंदर सिंह ने कोर्ट से कहा था कि कुछ दस्तावेज उन्होंने पेश किया है. जिनसे पता चलता है कि उन्होंने किसी भी गवाह से संपर्क नही किया है. उन्होंने मृतक की पत्नी के बयान का भी हवाला दिया, लेकिन कोर्ट ने उनकी सभी दलीलों को खारिज करते हुए जमानत को रद्द करने का फैसला किया था.
बता दें कि कुलकर्णी से अदालत से 2020 में जमानत मिली थी. जमानत पर बाहर आने के बाद कुलकर्णी ने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दे दी है, मुझे निर्दोष के रूप में बाहर आने का भरोसा था. मुझे न्यायपालिका में विश्वास है. मेरे पास धार्मिक संतों और निर्वाचन क्षेत्र के लोगों का आशीर्वाद भी हैं. मैं एक अलग राजनेता हूं. अमीर और गरीब मेरे साथ है. लोगों ने मुझे और मेरा समर्थन किया है पूरे परिवार में और मैं उनका आभारी हूं.
15 जून 2016 को कुलकर्णी के मुखर आलोचक योगेश गौड़ा की धारवाड़ के सप्तपुर में पांच बदमाशों द्वारा उस समय हत्या कर दी गई थी. जब वे जिम में थे. पूरी घटना जिम में लगे सीसीटीवी में कैद हो गई थी. हत्यारों ने पहले उनकी आंखों में चिली पाउडर झोंका और फिर उन्हें मौत के घाट उतारकर दो पहिया से फरार हो गए.
सीबीआई ने सितंबर 2019 में मामले की जांच शुरू की थी. योगेश के परिजनों ने तत्कालीन मंत्री और विधायक विनय कुलकर्णी पर हत्या का साजिश का आरोप लगाया था. इसमें पांच आरोपियों की पहचान कुलकर्णी के करीबी सहयोगियों के रूप में हुई थी.
इस मामले में आठ लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हुई है. इस मामले में सीबीआई ने जिन लोगों को आरोपी बनाया था, उनमें से संतोष सवदत्ती, दिनेश एम सुनील केएस, हर्षिता, अश्वत एस नजीर अहमद, शानवाज और नूतन केएस शामिल थे. उस दौरान विनय कुलकर्णी का नाम नहीं था. सीबीआई का मानना है कि योगेश की हत्या राजनीतिक कारणों से की गई थी.
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–भारत एक्सप्रेस
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