लीगल

’20 लाख लोगों की जिंदगी से खिलवाड़…’ जोजरी नदी मामले में राजस्थान सरकार को सुप्रीम कोर्ट की कड़ी फटकार, SIT करेगी जांच

सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान की जोजरी नदी में प्रदूषण से जुड़े मामले में लिए गए स्वतः संज्ञान पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अख्तियार किया है. कोर्ट ने इस मामले में राज्य सरकार और अधिकारियों से तीखे सवाल किया है. कोर्ट ने उस कथित 4 किलोमीटर लंबी गुप्त पाइपलाइन पर गंभीर चिंता जाहिर की है. जिसके जरिए बिना शोधन किए औधोगिक अपशिष्ट जोजरी नदी में छोड़ा जा रहा था.

जस्टिस विक्रमनाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने पूछा कि इतनी बड़ी अवैध पाइपलाइन आखिर कैसे बिछा दी गई और इसकी जानकारी सीईटीपी संचालकों, उद्योगों तथा प्रदूषण नियंत्रण अधिकारियों को कैसे नहीं हुई. अदालत ने यह भी सवाल उठाया कि लगातार निगरानी के बावजूद स्थानीय प्रशासन और राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड क्या कर रहे थे.

मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह भी पूछा कि क्या इस पूरे मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी जाए. हालांकि राजस्थान सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त महाधिवक्ता शिव मंगल शर्मा ने अदालत को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार इस मामले में सख्त कार्रवाई कर रही है. साथ ही जांच के लिए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी की अगुवाई में एसआईटी गठित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि एफआईआर दर्ज की जाएगी और उद्योगों, सीईटीपी प्रबंधन तथा सरकारी अधिकारियों की भूमिका की जांच होगी.

वरिष्ठ अधिकारियों का किया गया तबादला

राज्य सरकार ने कोर्ट को यह भी बताया कि मामले के सामने आते ही जयपुर से विशेष टीम जोधपुर भेजी गई, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के दो अधिकारियों को निलंबित किया गया, कई वरिष्ठ अधिकारियों का तबादला किया गया और पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति की कार्रवाई शुरू की गई है. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के एक सेवानिवृत्त जज की अध्यक्षता में उच्चाधिकार प्राप्त समिति के गठन का आदेश दिया था.

पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने संकेत दिया था कि वह इस मामले में एनजीटी से भी कड़ा आदेश पारित करेगा. मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा था कि यह प्रदूषण और 20 लाख लोगों की पीड़ा को नियंत्रित करने में राज्य सरकार विफल रही हैं. जस्टिस संदीप मेहता ने कहा था कि जो कुछ हुआ है वह आपकी नाक के नीचे और सभी अधिकारियों की मिलीभगत से हुआ है.

राजस्थान सरकार की ओर से पेश एडिशनल एडवोकेट जनरल शिवमंगल शर्मा की ओर से दायर हलफनामे को कोर्ट ने रिकॉर्ड पर ले लिया था. पिछली सुनवाई में राजस्थान सरकार के वकील ने कोर्ट को यह भी बताया था कि इसको लेकर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने वर्ष 2022 में विस्तृत आदेश दिया था, जिसके खिलाफ सिविल अपील कोर्ट में लंबित है. कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि यह गंभीर चिंता का विषय है और सरकार को इस प्रदूषण पर रोक लगाने तथा जनता के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाना होगा. नदी में बहता यह काला और बदबूदार पानी खेतों को बंजर कर रहा है, गॉवों के तालाब व कुए प्रदूषित कर रहा है और लोगों के स्वास्थ्य पर सीधा खतरा पैदा कर रहा है.

पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा था कि नदी में फैक्ट्रियों से निकलने वाला प्रदूषित पानी और कचरा डाला जा रहा है. इससे अनगिनत गांव प्रभावित हैं. इन गांवों में पीने योग्य पानी भी नहीं बचा है. कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि पानी प्रदूषित जैसे गंभीर मुद्दे पर किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नही की जाएगी.

ये भी पढ़ें: Supreme Court Guidelines: फैसले में देरी पर सख्त सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट्स को 3 महीने में निर्णय सुनाने का आदेश

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस

गोपाल कृष्ण

Recent Posts

ब्रज की आध्यात्मिक विरासत और विकास पर केंद्रित: बरसाना में ‘ललिता कुंज’ टाउनशिप का शुभारंभ, सुनील शेट्टी ने की शिरकत

नई दिल्ली में आयोजित भव्य समारोह में बॉलीवुड अभिनेता ने ब्रज क्षेत्र की सांस्कृतिक और…

2 hours ago

दिल्ली-NCR सहित कांपी उत्तर भारत की धरती, महसूस हुए भूकंप के झटके

दिल्ली-NCR और पूरे उत्तर भारत में रात 10:23 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए.…

2 hours ago

काशी में ‘पाकिस्तानेश्वर’ महादेव मंदिर का बदला नाम, सिंधी समाज के विरोध के बाद अब कहलाएंगे ‘सिंधु गंगेश्वर’

वाराणसी के छोटी शीतला घाट स्थित शिव मंदिर का नाम 'पाकिस्तानेश्वर' से बदलकर 'सिंधु गंगेश्वर…

2 hours ago

आसमान में तैनात होगा भारत का स्वदेशी ‘जासूस’, DRDO ने HAPS एयरशिप का किया कामयाब ट्रायल

DRDO ने 21 किमी की ऊंचाई पर 'हाई एल्टीट्यूड प्लेटफॉर्म सिस्टम' (HAPS) का सफल परीक्षण…

3 hours ago

पूर्व ऑस्ट्रेलियाई पीएम केविन रुड बोले- वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति मजबूत, पीएम मोदी के हुए मुरीद

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व पीएम केविन रुड ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप के मन में पीएम…

3 hours ago

योगी सरकार का सोलर कमाल: 2,942 मेगावाट पहुंची रूफटॉप क्षमता, ‘PM सूर्य घर योजना’ में उत्तर प्रदेश नंबर-1

उत्तर प्रदेश में 'प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना' से 2,942 मेगावाट क्षमता के रूफटॉप सोलर लग…

3 hours ago