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16 साल बाद ललित मोदी को बड़ी राहत, IPL 2009 मामले में ED को झटका

IPL Case on Lalit Modi: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के पूर्व चेयरमैन ललित कुमार मोदी ने दावा किया है कि दक्षिण अफ्रीका में आयोजित IPL 2009 से जुड़े मामले में उन्हें बड़ी कानूनी राहत मिली है. उनके अनुसार, तस्कर और विदेशी मुद्रा हेरफेर अधिनियम (SAFEMA) के तहत अपीलीय न्यायाधिकरण ने 16 जुलाई 2026 को दिए अपने फैसले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के मामले के मुख्य आधार को खारिज कर दिया है और उनके खिलाफ मुख्य कार्यवाही में लगाए गए दंडों को रद्द कर दिया है.

ललित मोदी ने क्या कहा?

ललित मोदी ने मंगलवार को जारी एक बयान में कहा कि दक्षिण अफ्रीका में IPL 2009 के आयोजन से जुड़े मामले में 16 वर्षों से अधिक समय तक चली जांच, कानूनी कार्यवाही और मुकदमेबाजी के बाद यह फैसला आया है. उन्होंने कहा कि न्यायाधिकरण ने माना कि टूर्नामेंट के आयोजन से संबंधित प्रमुख विदेशी प्रेषण चालू खाता (Current Account) लेनदेन थे, न कि पूंजी खाता (Capital Account) लेनदेन. उनके अनुसार, इस निष्कर्ष ने ED के मामले के मूल आधार को ही बदल दिया.

मोदी ने यह भी कहा कि न्यायाधिकरण ने माना कि वह भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की ओर से FEMA अनुपालन के लिए वैधानिक रूप से जिम्मेदार नहीं थे और न ही उनके पास वे वित्तीय अधिकार थे, जिनका उल्लेख ED ने अपनी कार्रवाई में किया था.

दक्षिण अफ्रीका में क्यों हुआ IPL?

अपने बयान में ललित मोदी ने कहा कि 2009 में आम चुनाव के कारण भारत में IPL का आयोजन संभव नहीं था. ऐसे में टूर्नामेंट को दक्षिण अफ्रीका स्थानांतरित करने का फैसला असाधारण परिस्थितियों में लिया गया था. उनके अनुसार, इस निर्णय ने IPL को जारी रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और आगे चलकर यह दुनिया की सबसे मूल्यवान खेल संपत्तियों में शामिल हो गया.

मोदी ने कहा कि पूरे मामले के दौरान उन्होंने कानूनी प्रक्रिया में सहयोग किया और उन्हें विश्वास था कि अंततः तथ्य और कानून की जीत होगी. ललित मोदी ने अपनी कानूनी टीम, परिवार, मित्रों और समर्थकों का आभार भी व्यक्त किया.


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ललित मोदी ने अपने बयान में कहा कि यह फैसला केवल उनकी व्यक्तिगत जीत नहीं, बल्कि उचित कानूनी प्रक्रिया और साक्ष्यों के आधार पर न्याय किए जाने के सिद्धांत की भी पुष्टि करता है. उन्होंने कहा कि अब उनका पूरा ध्यान भविष्य पर है और वे वैश्विक खेल, व्यापार तथा परोपकार के क्षेत्र में नए अवसरों पर काम करना जारी रखेंगे.

-भारत एक्सप्रेस

Sahil Singh

पढ़ने-लिखने से शुरू हुआ सफर खबरों तक ले गया. पत्रकारिता को करियर बनाने का एक मात्र उद्देश्य—पढ़ना, साथ ही नई-नई चीज़ों को जानने की जिज्ञासा रखना था. आज से पहले ‘आज तक’ चैनल, उसके बाद दायित्व वेबसाइट, और अब भारत एक्सप्रेस में बतौर सब-एडिटर की भूमिका निभा रहा हूं.

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