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राऊज एवेन्यू कोर्ट का बड़ा आदेश, म्यांमार ट्रेनिंग कैंप मामले में 6 यूक्रेनी नागरिकों को जमानत

Myanmar Training Camp Case: दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने म्यांमार ट्रेनिंग कैंप से जुड़े मामले में छह यूक्रेनी नागरिकों को डिफॉल्ट जमानत दे दी है. एनआईए के स्पेशल जज प्रशांत शर्मा ने सभी छह आरोपियों को 1-1 लाख रुपये के कैश बॉन्ड पर जमानत देने का आदेश दिया. जमानत पाने वालों में कामिस्की विक्टर, हुर्बा पेट्रो, स्लिविएक तारास, इवान सुकमानोव्स्की, स्टेफानकीव मारियान और होंचारुक मैक्सिम शामिल हैं.

इस मामले में इससे पहले अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरॉन वैनडाइक को भी डिफॉल्ट जमानत मिल चुकी है. कोर्ट ने उन्हें एक लाख रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दी थी. साथ ही आदेश दिया था कि अदालत की अनुमति के बिना वह दिल्ली से बाहर नहीं जा सकते.

चार्जशीट में UAPA की धाराएं नहीं

मामले की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने अदालत के सामने दलील दी कि एनआईए की ओर से हाल में दाखिल चार्जशीट में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA की धाराएं शामिल नहीं की गई हैं. शुरुआत में इस मामले में UAPA की धारा 18 समेत अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था.

एनआईए ने मार्च 2026 में मैथ्यू वैनडाइक और छह यूक्रेनी नागरिकों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी. चार्जशीट में आरोपियों पर आव्रजन और विदेशी अधिनियम की धारा 21 और 23 के तहत भारत में अवैध प्रवेश, ठहरने और आवाजाही से जुड़े आरोप लगाए गए हैं. फिलहाल इन आरोपियों पर UAPA की धाराएं नहीं लगाई गई हैं.

म्यांमार ड्रोन हमले से भी जुड़ी जांच

सभी सात विदेशी नागरिकों को 13 मार्च 2026 को गिरफ्तार किया गया था. बाद में एनआईए ने अदालत को बताया कि जांच के दौरान ऐसे संकेत मिले हैं, जिनसे इन लोगों की म्यांमार में एक नागरिक विमान पर हुए ड्रोन हमले में संभावित भूमिका की जांच की जा रही है.

19 अगस्त को एनआईए ने अदालत में आवेदन देकर आरोपियों से जेल में पूछताछ की अनुमति मांगी थी. एजेंसी ने कहा था कि केंद्र सरकार को ऐसी विश्वसनीय जानकारी मिली है कि कुछ यूक्रेनी और अमेरिकी नागरिक म्यांमार में नागरिक विमान पर हुए ड्रोन हमले में शामिल रहे हैं. अदालत ने दो आरोपियों से जेल में पूछताछ की अनुमति दी थी, जिसके बाद एनआईए ने अपनी रिपोर्ट कोर्ट के सामने रखी.


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एनआईए का आरोप है कि वैनडाइक और अन्य आरोपी भारत तथा म्यांमार में सक्रिय जातीय सशस्त्र समूहों से जुड़ी एक साजिश का हिस्सा रहे हैं. वहीं, वैनडाइक के परिवार ने उनकी सेहत को लेकर चिंता जताई है. परिवार के मुताबिक, उनके पैर में चोट है, आंखों की रोशनी कमजोर हुई है और दवाइयों को लेकर भी परेशानी है.

इस मामले में एनआईए को जांच के लिए अदालत पहले ही 90 दिन का समय दे चुकी है. अब छह यूक्रेनी नागरिकों को डिफॉल्ट जमानत मिलने के बाद मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सबकी नजर रहेगी.

-भारत एक्सप्रेस

गोपाल कृष्ण

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