लीगल

सुप्रीम कोर्ट में हंगामा करने वाले प्रबल प्रताप और चंदर भान को पटियाला हाउस कोर्ट से बड़ी राहत

सुप्रीम कोर्ट की पीठ के समक्ष केस फाइल फेंकने और अभद्र व्यवहार करने के मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपी प्रबल प्रताप सिंह और चंदर भान को दिल्ली की पटियाला हाउस अदालत से बड़ी कानूनी राहत मिल गई है. पटियाला हाउस कोर्ट ने कुछ सख्त शर्तों के साथ दोनों आरोपियों को नियमित जमानत दे दी है. न्यायिक मजिस्ट्रेट (Judicial Magistrate) रवि ने इस संवेदनशील मामले में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह फैसला सुनाया.

जेल में रखना जरूरी नहीं- मजिस्ट्रेट कोर्ट का फैसला

न्यायिक मजिस्ट्रेट रवि ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि आरोपियों का अदालत परिसर के भीतर किया गया आचरण पूरी तरह से अमानवीय और अस्वीकार्य था, जिसकी कोर्ट कड़े शब्दों में भर्त्सना और निंदा करती है. हालांकि, अदालत ने माना कि उन पर लगी धाराएं और आरोपों की प्रकृति इतनी अधिक गंभीर नहीं है कि मुकदमे की सुनवाई (ट्रायल) पूरी होने से पहले उन्हें जेल में बंद रखना अनिवार्य हो.

अदालत ने अपने आदेश में रेखांकित किया कि न्यायालय की अवमानना या इस तरह का अभद्र व्यवहार किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. इसके साथ ही कोर्ट ने दोनों आरोपियों (छात्रों) को भविष्य के लिए सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि उनसे यह उम्मीद की जाती है कि वे आगे से इस अदालत या किसी भी अन्य न्यायालय में पेश होते समय पूरा संयम, मर्यादा और न्यायपालिका की गरिमा का सम्मान बनाए रखेंगे, क्योंकि पूरी देश की न्याय व्यवस्था इसी अनुशासन और शिष्टाचार पर टिकी हुई है.

जानिए कोर्ट रूम में क्या हुआ था

यह पूरा अभूतपूर्व वाकया सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस के. वी. विश्वनाथन और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ के सामने देखने को मिला था. सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता (जो वकील के बिना खुद अपने केस की पैरवी कर रहा था) ने बोलना शुरू करते हुए बेहद आक्रामक अंदाज में कहा

“मिस्टर ज्यूडिशियल सर्वेंट (न्यायिक सेवक), मैं आपको एसीपी (ACP) लखनऊ के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज करने का आदेश देने का आदेश देता हूँ.”

याचिकाकर्ता के इस तरह के रवैये से पीठ हैरान रह गई. जस्टिस विश्वनाथन ने तुरंत टोकते हुए पूछा, “आप मुझे ऑर्डर दे रहे हैं? आप सर्वोच्च न्यायालय की बेंच को ऑर्डर दे रहे हैं?”

इसके जवाब में उस शख्स ने बेपरवाह अंदाज में कहा, “मेरी तरफ से बस इतना ही है, सब कुछ रिकॉर्ड में मौजूद है.” इतना कहते ही उस व्यक्ति ने अपने हाथ में मौजूद केस फाइल को सीधे जज की पीठ की तरफ हवा में उछाल दिया और खुली कोर्ट में देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को गालियां देनी शुरू कर दीं. उसने पेपर फेंकते हुए चिल्लाकर कहा कि “इसे ले जाकर सीजेआई को दे देना.” इस घटना के तुरंत बाद मौके पर मुस्तैद सुरक्षाकर्मियों ने उसे दबोच लिया और कोर्ट रूम से बाहर ले गए, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने उससे लंबी पूछताछ की थी.

नहीं दर्ज कराई FIR

उल्लेखनीय है कि इस घटना के बाद सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार की ओर से आरोपी के खिलाफ सीधे आपराधिक एफआईआर दर्ज कराई जा सकती थी. हालांकि, भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने इस मामले में आरोपी के खिलाफ कोई भी कानूनी दंडात्मक कदम नहीं उठाने का बड़ा निर्देश दिया.

ये भी पढ़ें: दतिया से कांग्रेस के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती को सुप्रीम कोर्ट से झटका

जब सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार ने इस पूरे वाकये की जानकारी सीजेआई सूर्यकांत को दी, तो सीजेआई ने इस मामले को आगे न बढ़ाने के निर्देश दिए. सुप्रीम कोर्ट का मानना है कि कई बार कुछ लोग केवल ‘सस्ती लोकप्रियता’ (Cheap Publicity) पाने के लिए अदालतों के भीतर ऐसी घटिया और विवादित घटनाओं को अंजाम देते हैं. ऐसे में यदि प्रशासन या कोर्ट उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कोई कड़ा कदम उठाता है, तो संबंधित व्यक्ति अपने दुष्प्रचार के मकसद में कामयाब हो जाता है. बता दें कि याचिकाकर्ता ने अपनी अर्जी में इलाहाबाद हाई कोर्ट के एक पुराने फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसकी सुनवाई के दौरान उसने यह पूरा हंगामा खड़ा किया था.

गोपाल कृष्ण

Recent Posts

आडंबरी गुरुओं पर करारा तमाचा! ‘हनुमान अंश’ ने खोला सच, जानिए कौन है असली और फरेबी संत?

Hanuman Ansh Movie: 'हनुमान अंश' फिल्म ने याद दिलाए नीब करौरी बाबा और ब्रज के…

11 minutes ago

DCAC में भाषा और डिजिटल क्रांति का संगम: ‘डिजिटल जगत में भारतीय भाषाएं’ पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी संपन्न

दिल्ली यूनिवर्सिटी के DCAC में ‘डिजिटल जगत में भारतीय भाषाएं: नूतन विमर्श का निर्माण’ विषय…

14 minutes ago

​हिटमैन का ‘जिगरी’ गब्बर: 350 रन का प्रेशर और वो एक हंसी… रोहित शर्मा ने सुनाया दिल छू लेने वाला किस्सा

Rohit Sharma Shikhar Dhawan Friendship: रोहित शर्मा और शिखर धवन की ओपनिंग जोड़ी ने मैदान…

29 minutes ago

JPSC परीक्षा मामला: सुप्रीम कोर्ट ने CBI जांच वाली याचिका दूसरी बेंच को ट्रांसफर की, 5 अक्टूबर को सुनवाई

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षा में गड़बड़ियों की CBI जांच वाली याचिका को सुप्रीम…

48 minutes ago