लीगल

आरोपी सांसद राशिद इंजीनियर को टेरर फंडिंग मामले में पटियाला हाउस कोर्ट से बड़ी राहत

जम्मू-कश्मीर टेरर फंडिंग मामले में आरोपी और बारामूला से सांसद राशिद इंजीनियर को पटियाला हाउस कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है. कोर्ट ने आगामी संसद सत्र में भाग लेने के लिए राशिद इंजीनियर को अंतरिम जमानत दी है. कोर्ट ने 28 जनवरी से 2 अप्रैल तक के लिए यह अंतरिम जमानत दी है.

संसद के बजट सत्र में शामिल होंगे सांसद

राशिद इंजीनियर को 28 जनवरी से शुरू हो रहे संसद सत्र में भाग लेने की अनुमति मांगी थी. इससे पहले दिसंबर में कोर्ट ने संसद सत्र में भाग लेने की अनुमति देते हुए कहा था कि राशिद इंजीनियर हिरासत में संसद सत्र में भाग ले सकते है. कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया था कि वाहन खर्च को लेकर लगाई गई शर्त बरकरार रहेगी. इसको लेकर राशिद इंजीनियर ने दिल्ली हाई कोर्ट में अपील दायर कर रखी है.

इस पहले भी मिली पैरोल

सांसद राशिद इंजीनियर ने आगामी सत्र में भाग लेने के लिए हिरासत पैरोल या अंतरिम जमानत की मांग की है. दायर अर्जी में राशिद इंजीनियर ने कहा है कि वह एक सांसद हैं और उन्हें अपना सार्वजनिक कर्तव्य निभाने के लिए 28 जनवरी से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र में उपस्थित रहना जरूरी है. इसके पहले कोर्ट ने इंजीनियर रशीद को सितंबर में हुए उपराष्ट्रपति के चुनाव में वोट डालने की अनुमति दी थी. कोर्ट ने राशिद को 24 जुलाई से 4 अगस्त तक संसद सत्र में भाग लेने की अनुमति दी थी.

राशिद इंजीनियर 2019 से जेल में बंद

राशिद इंजीनियर ने 2024 के लोकसभा चुनाव में बारामूला सीट पर जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला को हराया था. राशिद इंजीनियर शेख अब्दुल रशीद के नाम से भी जाना जाता है. वह 2017 के आतंकवादी वित्तपोषण (आतंकी फंडिंग) मामले में गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत एनआईए द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद से रशीद 2019 से जेल में बंद है.

पटियाला हाउस कोर्ट ने 16 मार्च 2022 को हाफिज सईद, सैयद सलाहुद्दीन, यासीन मलिक, शब्बीर शाह और मसरत आलम, राशिद इंजीनियर, जहूर अहमद वताली, बिट्टा कराटे, आफताब बट्ट उर्फ पीर सैफुल्ला के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया था.


ये भी पढ़ें: राऊज एवेन्यु कोर्ट ने रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ दायर सप्लीमेंट्री चार्जशीट बहस करने के लिए ईडी को दिया समय


एनआईए में मुताबिक पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के सहयोग से लश्कर-ए-तैयबा, हिजबुल मुजाहिदीन, जेकेएलएफ, जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों ने जम्मू कश्मीर में आम नागरिकों और सुरक्षा बलों पर हमले और हिंसा को अंजाम दिया. 1993 में अलगाववादी गतिविधियों अंजाम देने के लिए ऑल पार्टी हुर्रियत कांफ्रेंस की स्थापना की गई.

-भारत एक्सप्रेस

गोपाल कृष्ण

Recent Posts

जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन से दिल्ली में हाई अलर्ट, DMRC ने बंद किए 11 मेट्रो स्टेशन, कई सड़कों पर लगा जाम

Delhi Metro Stations Closed: आज जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के कारण DMRC ने जनपथ, राजीव चौक…

18 minutes ago

गांधी होने का मतलब 1920 में लौटना नहीं, 2027 की चुनौतियों का सामना नैतिक साहस से करना है

गांधी जयंती पर जानिए आज के समय में गांधीवादी होने का असली मतलब क्या है?…

33 minutes ago

Asian Games 2026: भारत ने रचा इतिहास, दक्षिण कोरिया को हराकर महिला रिकर्व टीम ने जीता गोल्ड

Asian Games 2026: एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला रिकर्व टीम ने दक्षिण कोरिया को…

42 minutes ago

दिल्ली में सिर्फ 35 लाख में मिलेगा आशियाना? जानिए DDA की ‘जनता आवास योजना’ के दूसरे चरण का पूरा शेड्यूल

Delhi News: दिल्ली में सिर्फ 35 लाख रुपये में अपना घर बनाने का सुनहरा मौका,…

43 minutes ago

PM मोदी के शांति वाले आइडिया के फैन हुए पुतिन, बोले – यूक्रेन जंग खत्म करने के लिए उनके पास बढ़िया प्लान है

Putin Praises PM Modi: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पीएम मोदी के यूक्रेन जंग खत्म…

1 hour ago