लीगल

DMK नेता सेंथिल बालाजी की मुश्किलें बढ़ीं, ED की कस्टडी का खतरा; सुप्रीम कोर्ट पहुंचा टासमैक शराब घोटाला

Supreme Court:  सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु राज्य विपरण निगम (टासमैक) घोटाला मामले में पूर्व मंत्री और द्रमुक नेता वी. सेंथिल बालाजी की ओर से दायर अग्रिम जमानत याचिका पर 31 जुलाई को सुनवाई करेगा. सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की बेंच के समक्ष वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी और वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने मेंशन कर जल्द सुनवाई की मांग की.

सिब्बल को कोर्ट को बताया कि,

मद्रास हाईकोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका को सुबह ही खारिज कर दिया है. लिहाजा दायर याचिका पर कल यानी 31 जुलाई को सुनवाई की जाए. जिसके बाद सीजेआई सूर्यकांत ने मामले को सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया. मद्रास हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि बालाजी पर सरकारी खजाने को नुकसान पहुचाने में अभियोजन पक्ष के आरोपों का हवाला देते हुए कहा कि मामले की जांच के लिए उन्हें हिरासत में पूछताछ आवश्यक है.

बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया

यह मामला डायरेक्टर ऑफ विजिलेंस एंड एंटी करप्शन से जुड़ा है, जिसमें तमिलनाडु स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन के कामकाज में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया है. डीवीएसी ने इस मामले में सात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है. सेंथिल बालाजी, टासमैक के पूर्व प्रबंध निदेशक एस. विसाकन और पांच अन्य के खिलाफ दर्ज एफआईआर में बार लाइसेंस आवंटन, परिवहन ठेकों तथा कुछ डिस्टिलरी और बॉटलिंग कंपनियों द्वारा कथित फर्जी एवं बढ़ा-चढ़ाकर दिखाए गए लेनदेन के जरिए धन के गबन, खरीद प्रक्रिया और निविदा प्रक्रिया में हेरफेर के आरोप लगाए गए हैं.

व्यक्तियों के खिलाफ मामले दर्ज कर सकते

सुप्रीम कोर्ट ने 22 मई 2025 को TASMAC घोटाले की ईडी की सारी हदें पार करने और संघीय शासन की अवधारणा का उल्लंघन करने के लिए आलोचना करते हुए कहा था, आप व्यक्तियों के खिलाफ मामले दर्ज कर सकते हैं, लेकिन निगमों के खिलाफ? TASMAC ने अपनी याचिका में ईडी को यह निर्देश देने की मांग की थी कि वह जांच की आड़ में उसके कर्मचारियों को परेशान न करें. सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कहा गया है कि राज्य की क्षेत्रीय सीमाओं के भीतर अपराध की जांच करने की ईडी की यह कार्रवाई संघवाद का उल्लंघन है.

जबकि ईडी का कहना है कि डिस्टलरी कंपनियों और बॉटलिंग इकाइयों में बेहिसाब नकदी और अवैध भुगतान के माध्यम से गंभीर वित्तीय धोखाधड़ी की गई है. आबकारी मंत्री सेंथिल बालाजी से जुड़े प्रमुख सहयोगियों के ठिकानों पर भी तलाशी ली गई थी. ईडी को तलाशी के दौरान ट्रांसफर पोस्टिंग, परिवहन और बार लाइसेंस निविदाओं, कुछ डिस्टिलरी कंपनियों को पक्ष देने वाले इंडेंट आर्डर TASMAC अधिकारियों की मिलीभगत के साथ TASMAC आउटलेट्स द्वारा प्रति बोतल 10-30अतिरिक्त शुल्क से संबंधित डाटा मिला.

यह भी पढ़ें- चंडीगढ़ प्रशासन की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा कदम; CM भगवंत मान और AAP नेताओं से मांगा जवाब

-भारत एक्सप्रेस 

गोपाल कृष्ण

Recent Posts

‘ऐ छोड़ो… छोड़ो!’ बिहार के गया में वायरल वीडियो पर भड़के तेजस्वी यादव, सरकार से पूछे तीखे सवाल

गया में लड़की से कथित बदसलूकी का वीडियो सामने आने के बाद बिहार की सियासत…

9 minutes ago

पीएम मोदी के विकसित भारत@2047 मिशन को जमीनी हकीकत में बदलने की तैयारी, सांसदों-विधायकों को दिया गया रोजगार सृजन का रोडमैप

Viksit Bharat 2047: प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत@2047 मिशन के तहत सांसदों-विधायकों के लिए रोजगार…

20 minutes ago

गुजराती पायलट की बहादुरी पर दुनिया ने किया सैल्यूट, गुजरात सरकार देगी खास गरिमा अवॉर्ड

Captain Smit Machar: गुजराती पायलट कैप्टन स्मित मछार की बहादुरी पर गुजरात सरकार उन्हें गुजरात…

21 minutes ago

विमानों की हाईजैकिंग के खौफनाक पन्ने, 9/11 से लेकर एंटेबे ऑपरेशन तक; जानें 3 बड़ी घटनाएं

Plane Hijacking History: फ्लाईदुबई की फ्लाइट में हुई हिंसक झड़प और पायलट की सूझबूझ से…

36 minutes ago

मेरठ का चर्चित ‘ब्लू ड्रम मर्डर केस’: मुस्कान और साहिल दोषी करार, सजा पर फैसला सुरक्षित

मेरठ के चर्चित ब्लू ड्रम मर्डर केस में कोर्ट का बड़ा फैसला. मुस्कान और साहिल…

40 minutes ago