Supreme Court में पहली बार एससी और एसटी वर्ग के लिए आरक्षण नीति लागू की गई है. सुप्रीम कोर्ट ने वरिष्ठ निजी सहायक, सहायक लाइब्रेरियन, जूनियर कोर्ट सहायक, जूनियर कोर्ट सहायक सह जूनियर प्रोग्रामर, जूनियर कोर्ट अटेंडेंट व चैंबर अटेंडेंट (आर) पदों के लिए आरक्षण रोस्टर लागू किया गया है.
यह ऐतिहासिक फैसला सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस बीआर गवई के कार्यकाल में लागू किया गया है. जो खुद अनुसूचित जाति समुदाय से आते है.
सीजेआई गवई दूसरे ऐसे व्यक्ति है जो सर्वोच्च न्यायिक पद हासिल किया है. सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों और कर्मचारियों की सीधी भर्ती में एससी-एसटी समुदाय के लोगों को आरक्षण का लाभ देने के लिए 200 पॉइंट रोस्टर प्रणाली लागू कर दी.
कोर्ट ने यह आरक्षण 28 साल बाद लागू किया है. केंद्र सरकार ने सरकारी नियुक्तियों में आरक्षण लागू करने के लिए 2 जुलाई 1997 को आदेश जारी किया था.
सुप्रीम कोर्ट ने 23 जून से आरक्षण नीति औपचारिक तौर पर लागू कर दी है. सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्री ने 23 जून 2023 को विभिन्न पदों के लिए एससी और एसटी के लिए आरक्षण रोस्टर को लागू किया है.
54 पन्नों के जारी रोस्टर प्रणाली में बताया गया है कि किस पद पर एससी और एसटी के लिए कितने पद को आरक्षित किया जाएगा. इस रोस्टर में यह भी बताया गया है कि किस समुदाय के लिए कितने फीसदी आरक्षण लागू किया जाएगा.
बता दें कि सीजेआई गवई ने हाल ही में कहा था कि सभी सरकारी संस्थाओं और कई हाई कोर्ट में पहले से ही अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षण का प्रावधान है कि, तो सुप्रीम कोर्ट को इससे अलग क्यों रखा जाए. 24 जून को इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा एक सर्कुलर जारी किया गया था.
ये भी पढ़ें- नाबालिग लड़के के अपहरण के मामले में तमिलनाडु के विधायक जगन मूर्ति की गिरफ्तारी पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाया रोक
-भारत एक्सप्रेस
CM Yogi Valmiki Jayanti Message: महर्षि वाल्मीकि जयंती पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने युवाओं से…
UP Assembly Election 2027: यूपी विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी कई चुनौतियों का सामना कर…
Supreme Court Voter List Hearing: दिल्ली में 33 लाख वोटरों को नोटिस भेजे जाने और…
नई दिल्ली के ‘कला संकुल’ में आयोजित मंचीय कला संगोष्ठी में नुक्कड़ नाटक की सामाजिक…
Gold Price Fall China:सोने की कीमतों में भारी गिरावट के बाद चीन के बाजारों में…
दो दिवसीय 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच 2026 का आगाज हो चुका है. भारत की मेजबानी…