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सुप्रीम कोर्ट ने नीट यूजी में अनियमितताओं पर दायर सभी याचिकाएं निपटाईं, केंद्र के सुधार प्रस्तावों को दी मंजूरी

सुप्रीम कोर्ट नीट यूजी परिक्षा में कथित अनियमितता के मामले में दायर सभी याचिकाओं का निपटारा कर दिया है. यह याचिका राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की कार्यप्रणाली को लेकर दायर किया गया था. जस्टिस पी एस नरसिम्हा और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने प्रस्तुतियों और घटनाओं पर गौर करते हुए कहा कि आगे किसी आदेश की आवश्यकता नहीं है. केंद्र सरकार ने सात सदस्यीय पैनल के सभी सुझावों को स्वीकार कर लिया है.

मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को आश्वासन दिया है कि विशेषज्ञ पैनल द्वारा सुझाए गए परीक्षा सुधारों को लागू किया जाएगा, जिसके बाद याचिका का निपटारा किया है. मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि केंद्र ने सात सदस्यीय पैनल ने सभी सुझावों को स्वीकार कर लिया है. सिवाए एक जो नीट यूजी को ऑनलाइन मोड़ में आयोजित करने का है.

एसजी सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने यह भी कहा कि पूरे भारत में 26 लाख से अधिक छात्र नीट यूजी की परीक्षा देते है. सरकार को इंटरनेट और कंप्यूटर की उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी और इसमें कुछ समय लगेगा. हालांकि रिपोर्ट स्वीकार कर ली गई है. मामले की सुनवाई के दौरान एसजी मेहता ने कहा कि चूंकि सभी सुधारों को स्वीकार कर लिया गया है, इसलिए मामले में आगे कुछ भी नहीं बचा है और इसे बंद किया जा सकता है.

नीट को ऑनलाइन मोड में कराने का सुझाव फिलहाल नहीं लागू

पिछले साल 2 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने विवादास्पद नीट यूजी 2024 को रद्द करने से इनकार कर दिया था, जिसमें कहा गया था कि रिकॉर्ड में कोई पर्याप्त सामग्री नहीं है, जो परीक्षा की अखंडता से समझौता करने वाले सिस्टमिक लीक या कदाचार को इंगित करती हो.

बता दें कि कोर्ट ने पेपर लीक, गलत प्रश्न पत्र के वितरण और भौतिक के प्रश्न के गलत विकल्प के लिए अंक देने के NTA के फैसले की आलोचना भी की थी. सीजेआई ने सरकार द्वारा गठित समिति का दायरा तय करते हुए कहा था कि परीक्षा सिक्योरिटी, स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर तय करना होगा. जिसमें परीक्षा सेंटर के अलॉट करने की प्रक्रिया की समीक्षा, परीक्षा केंद्र पर CCTV मॉनिटरिंग, पेपर में गड़बड़ी नही हो यह सुनिश्चित करना और शिकायतों के निवारण की व्यवस्था करना तय किया था.

साथ ही कमेटी द्वारा पेपर खुले ई रिक्शा के बजाए रियल टाइम इलेक्ट्रॉनिक लॉक सिस्टम के साथ बंद वाहन में भेजे जाने की व्यवस्था पर विचार करने को कहा था. सीजेआई ने अपने फैसले में यह भी कहा था कि लीक का असर हजारीबाग और पटना तक ही सीमित था.

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-भारत एक्सप्रेस 

गोपाल कृष्ण

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