सांकेतिक तस्वीर
सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग द्वारा मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की संख्या 1200 से बढ़ाकर 1500 करने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर चुनाव आयोग को जवाब दाखिल करने के लिए 3 सप्ताह का समय दिया है. इस फैसले पर याचिका दायर करने वाले इंदु प्रकाश सिंह का कहना है कि 2011 के बाद से जनगणना नहीं हुई है, और इस कारण निर्वाचन आयोग के पास वोटर्स की संख्या बढ़ाने का कोई ठोस डेटा नहीं है. याचिका में यह भी दावा किया गया है कि इस कदम से पोलिंग सेंटर्स के संचालन पर असर पड़ेगा, क्योंकि एक वोटर को वोट डालने में लगभग 60 से 90 सेकंड लगते हैं.
सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया कि मतदान के दौरान वीडियो रिकॉर्डिंग को सुरक्षित रखा जाए और उसे मिटाया न जाए. कोर्ट ने कहा कि मामले के लंबित रहने तक मतदान की सीसीटीवी रेकॉर्डिंग को बरकरार रखा जाए. इस मामले की अगली सुनवाई 3 सप्ताह बाद होगी.
चुनाव आयोग का पक्ष
चुनाव आयोग ने बताया कि उसने राजनीतिक दलों से परामर्श करने के बाद यह फैसला लिया था. आयोग का कहना है कि ईवीएम में 1500 वोट डालने का निर्णय नया नहीं है और यह 2019 से लागू है. आयोग के वकील मनिंदर सिंह ने यह भी कहा कि पहले इस फैसले पर कोई शिकायत नहीं आई थी.
नवीनतम डेटा की कमी
याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि चुनाव आयोग के पास कोई नवीनतम डेटा नहीं है, जो मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की संख्या बढ़ाने को सही ठहराए. इसमें कहा गया है कि 2011 के बाद से जनगणना नहीं हुई, और इस पर चुनाव आयोग को फिर से विचार करना चाहिए.
गाजियाबाद के सनसिटी में छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन पर आधारित महानाट्य 'जाणता राजा' के…
नई दिल्ली में 26-27 अक्टूबर को 12वां ब्रिक्स संसदीय मंच आयोजित हो रहा है. पीएम…
Mallikarjun Kharge On PM Modi Father: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पटना में पीएम मोदी…
ACS Sanjay Dubey On MP Urban Body Scam: वायरल वीडियो पर नगरीय प्रशासन विभाग के…
उत्तर प्रदेश में गाजियाबाद के सनसिटी में ‘जाणता राजा’ के महामंचन को देखने हजारों लोग…
BSF Seized Pakistani Fishermen Boat: गुजरात के कच्छ में सर क्रीक इलाके से BSF ने…