सुप्रीम कोर्ट अहमदाबाद एयर इंडिया विमान हादसे मामले में दायर जनहित याचिका पर जल्द सुनवाई को तैयार हो गया है. यह याचिका एक गैर सरकारी संगठन की ओर से दायर की गई है. दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि 12 जून को हुई एयर इंडिया विमान दुर्घटना की आधिकारिक जांच ने नागरिकों के जीवन, समानता और सत्य जानकारी तक पहुच के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन किया है.
सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ मामले में दायर याचिका पर सुनवाई कर रही है. यह याचिका गैर सरकारी संगठन सेफ्टी मैटर्स फाउंडेशन ने दायर की है. याचिकाकर्ता के.वकील प्रशांत भूषण ने कोर्ट को बताया कि अब तक न तो.केंद्र सरकार और न ही विमान दुर्घटना जांच बोर्ड ने अपना जवाब दाखिल किया है. उन्होंने कोर्ट ने बताया कि पूरा पायलट संघ कह रहा है कि बोइंग 787 विमान में कोई न कोई समस्या है, जिसके कारण इसे उड़ान भरने से रोकना होगा. दायर याचिका में कहा गया है कि सरकार द्वारा की गई प्रारंभिक जांच पक्षपातपूर्ण और तकनीकी रूप से त्रुटिपूर्ण है. जांच में पायलट की गलती बताया गया है, जबकि तकनीकी खराबियों को नजरअंदाज किया गया है.
दायर याचिका में यह भी मांग की गई है कि AAIB द्वारा की गई सभी पहले की जांच को बंद कर दिया जाए. याचिका में दावा किया गया है कि AAIB के दो अधिकारियों ने यह आरोप लगाया था कि उनके बेटे ने उड़ान भरने के बाद इंजनों की ईंधन आपूर्ति बंद कर दी थी. एक ऐसा आरोप जिसका सरकार खंडन करती है. जांच बहुत साफ और बहुत गहन बताती है.
सभरवाल ने हाल ही में केंद्र सरकार को एक भावुक पत्र लिखा है. रिपोर्ट में एयरलाइंस को क्लीनचिट दे दी गई है तथा सारा दोष पायलट पर डाल दिया गया है. इसलिए उन्होंने मांग की है कि एएआईबी इस दुर्घटना की पूरी जांच रिपोर्ट जारी करें, जिसने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है. उन्होंने कहा कि मीडिया में ऐसी खबरें आई है कि पायलट अवसाद में था और उसने जानबूझकर विमान किराया. उनका कहना है कि इन खबरों ने उनके बेटे की छवि खराब की है.
बता दें कि अहमदाबाद एयरपोर्ट से विमान भरने के महज 5 मिनट बाद ही यह विमान शहर के मेघाणी नगर इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इस विमान में 242 यात्री और 10 क्रू सदस्य सवार थे. इनमें 53 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली और एक कनाडाई नागरिक था. अधिकत्तर शव बुरी तरह से झुलस चुके है. इनकी पहचान करना मुश्किल है. इस विमान में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी के अलावा कई बिजनेस टायकून भी सवार थे. इनमें कार्गों मोटर के प्रमुख नंदा और ल्यूबी के डायरेक्टर सुभाष अमीन भी शामिल थे. विमान की कमान कैप्टन सुमित सभरवाल के पास थी और उसके साथ फर्स्ट ऑफिसर क्लाईव कुंदर थे.
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-भारत एक्सप्रेस
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