गैंगेस्टर मामले में कथित आरोपी और पूर्व विधायक अब्बास अंसारी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है. जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने अब्बास अंसारी को जमानत की शर्तों में ढील दे दिया है. कोर्ट से राहत के बाद अब अब्बास अंसारी यूपी से बाहर जा सकते है.
यात्रा से पहले न लेनी पड़े पूर्व अनुमति
कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि अब्बास अंसारी को चुप कराने का कोई इरादा नहीं हैं. बल्कि अदालत को सोशल मीडिया पर हमले से बचाना चाहते हैं. कोर्ट के आदेश के मुताबिक अब्बास अंसारी लखनऊ के अपने सरकारी आवास में भी जा सकते है. इसके लिए उन्हें स्थानीय पुलिस से सूचना देना होगा.
कोर्ट ने अंसारी को अंतरिम जमानत देते हुए कहा था कि कोर्ट के बिना अनुमति के कोई यात्रा नहीं करेंगे. अंसारी ने अपनी याचिका में कहा है कि भारत में यात्रा करने से पहले निचली अदालत की पूर्व अनुमति न लेनी पड़े. पिछली सुनवाई के दौरान अब्बास अंसारी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा था कि यह चौंकाने वाला है. एफआईआर पहले ही एक बार खारिज हो चुकी है. यह दूसरी एफआईआर है. एफआईआर में लिखी गई बातें फर्जी है.
पिछली एफआईआर में भी यही आरोप थे, जिसे खारिज कर दिया गया. कोई व्यक्ति घूमता है और कहता है कि वह गिरोह चला रहा है. अब्बास अंसारी के खिलाफ गैंगेस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. अब्बास और उसके गैंग के चार अन्य सदस्यों के खिलाफ यह मुकदमा दर्ज किया गया है.
दो मामलों को छोड़ सभी में मिल चुकी जमानत
पिछली सुनवाई में अब्बास अंसारी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने विरोध करते हुए कहा था कि दो मामलों को छोड़कर सभी मामलों में अब्बास अंसारी को जमानत मिल चुकी. उन्हें उम्मीद है कि अगर इन दो मामलों में भी आने वाले समय में जमानत मिल जाती है तो, अब्बास अंसारी को गैंगेस्टर मामले में गिरफ्तार किया जा सकता है. लिहाजा अब्बास अंसारी को गिरफ्तारी से संरक्षण दिया जाए.
अब्बास अंसारी पर आरोप है कि वो चित्रकूट जेल में अपनी पत्नी से गैरकानूनी तरीके से मुलाकात करने के मामले में अब्बास अंसारी सहित पांच लोगों के खिलाफ गैंगेस्टर की कार्रवाई की गई. जिसमें जेल कैंटीन ठेकेदार, निकहत सहित अन्य के खिलाफ पुलिस ने जांच शुरू कर दिया था. इस मामले में जेल अधीक्षक, डिप्टी जेलर, वार्डन के अलावा अन्य को गिरफ्तार किया गया था. जिसमें से कुछ लोग जमानत पर बाहर है.
पुलिस ने इस मामले में अब्बास अंसारी, कैंटीन ठेकेदार कर्वी का रहने वाला नवनीत सचना, निकहत के ड्राइवर नियाज अंसारी, समाजवादी पार्टी के नेता फराज खान और खातों में पैसा ट्रांसफर करने वाले वाराणसी के शहबाज आलम खान के खिलाफ गैंगेस्टर एक्ट के तहत केस दर्ज किया था.
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-भारत एक्सप्रेस
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