लाइफस्टाइल

श्रावण में नया डिजिटल व्रत! फोन और सोशल मीडिया से दूरी बना रहे युवा

Shravan digital detox: श्रावण का महीना आते ही लोग अपनी दिनचर्या में कई तरह के बदलाव करते हैं. कोई खान-पान पर संयम रखता है तो कोई पूजा-पाठ और ध्यान में ज्यादा समय देता है. लेकिन इस बार पुणे में युवाओं और कामकाजी लोगों के बीच एक अलग तरह का ‘व्रत’ चर्चा में है. लोग कुछ समय के लिए मोबाइल और सोशल मीडिया से दूरी बनाकर डिजिटल डिटॉक्स को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना रहे हैं.

अब फोन से दूरी भी बन रही है ‘संयम’

श्रावण को पारंपरिक रूप से आत्मचिंतन, संयम और आध्यात्मिक अनुशासन का समय माना जाता है. इसी सोच को कुछ युवा डिजिटल दुनिया पर लागू कर रहे हैं. सोशल मीडिया ऐप्स पर लगातार स्क्रॉल करने, नोटिफिकेशन चेक करने और फोन पर घंटों बिताने के बजाय वे तय समय के लिए स्क्रीन से दूरी बना रहे हैं. पुणे में यह चलन खासतौर पर युवाओं और वर्किंग प्रोफेशनल्स के बीच दिखाई दे रहा है. लगातार काम, मैसेज, ईमेल और सोशल मीडिया के दबाव के बीच कई लोगों को लगता है कि कुछ समय के लिए डिजिटल दुनिया से कटना मानसिक तौर पर राहत दे सकता है.

‘डिजिटल फास्टिंग’ में क्या करते हैं लोग?

इस तरह के डिजिटल डिटॉक्स में लोग सोशल मीडिया ऐप्स को कुछ घंटों या पूरे दिन के लिए बंद रखते हैं. कुछ लोग नोटिफिकेशन ऑफ कर देते हैं, जबकि कुछ फोन का इस्तेमाल केवल जरूरी कॉल या काम तक सीमित रखते हैं. इस दौरान परिवार के साथ समय बिताना, बातचीत करना, किताब पढ़ना, ध्यान लगाना या धार्मिक गतिविधियों में शामिल होना जैसे विकल्प अपनाए जा रहे हैं. इससे लोगों को वर्चुअल दुनिया के बजाय वास्तविक रिश्तों और आसपास की चीजों पर ध्यान केंद्रित करने का मौका मिल रहा है.

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मानसिक सुकून के लिए भी फायदेमंद?

डिजिटल डिटॉक्स को लेकर विशेषज्ञ भी मानते हैं कि स्क्रीन और सोशल मीडिया के इस्तेमाल को कम करना लोगों को माइंडफुलनेस और मानसिक स्पष्टता की ओर बढ़ने में मदद कर सकता है. खासकर उन लोगों के लिए जो लगातार नोटिफिकेशन, ऑनलाइन बातचीत और डिजिटल कंटेंट के बीच रहते हैं. श्रावण में शुरू हुआ यह ट्रेंड इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि यहां पारंपरिक ‘त्याग’ की अवधारणा आधुनिक जिंदगी से जुड़ रही है. पहले जहां व्रत का मतलब खान-पान पर नियंत्रण माना जाता था, वहीं अब कुछ युवाओं के लिए ‘नो स्क्रॉलिंग’ भी आत्म-अनुशासन का एक तरीका बनता दिख रहा है. यानी इस श्रावण सवाल सिर्फ यह नहीं कि आपने क्या छोड़ा, बल्कि यह भी है—क्या आपने अपना फोन कुछ देर के लिए छोड़ा?

भारत एक्सप्रेस

Swati Pandey

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