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शारदीय नवरात्र की घटस्थापना पर लक्ष्मीनारायण और ऐन्द्र योग का दुर्लभ संयोग, जानें आज का शुभ मुहूर्त और राहुकाल

Aaj Ka Panchang: आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 11 अक्टूबर 2026, रविवार को रात 09:32 बजे तक प्रभावी रहेगी, जिसके बाद द्वितीया तिथि का आरंभ होगा. आज से जगत जननी मां आदिशक्ति की आराधना के महापर्व शारदीय नवरात्र की शुरुआत हो रही है. आज घरों और मंदिरों में घटस्थापना (कलश स्थापना) के साथ मां शैलपुत्री की प्रथम पूजा की जाएगी.

इसके साथ ही रविवार का दिन जगत के पालनहार भगवान सूर्य नारायण की उपासना के लिए भी समर्पित है.

दुर्लभ ग्रहों का महासंयोग(Aaj Ka Panchang)

पंचांग के अनुसार आज रात 10:33 बजे तक चित्रा नक्षत्र रहेगा, जिसके बाद स्वाति नक्षत्र शुरू होगा. चंद्रमा सुबह 10:04 बजे कन्या राशि से निकलकर तुला राशि में प्रवेश करेंगे. आज आकाश मंडल में लक्ष्मीनारायण योग, परिजात योग, वाशि योग, सुनफा योग और मेष, कर्क, तुला व मकर राशि के जातकों के लिए मालव्य योग का महासंयोग बन रहा है. इन दुर्लभ और अत्यंत शुभ योगों के प्रभाव से आज के दिन की गई घटस्थापना और मां दुर्गा की पूजा-अर्चना का कई गुना फल प्राप्त होगा.

एक नज़र में संपूर्ण पंचांग(Panchang 11 october 2026)

तिथि: आश्विन शुक्ल प्रतिपदा (रात 09:32 बजे तक), तत्पश्चात द्वितीया (शारदीय नवरात्र घटस्थापना)

नक्षत्र: चित्रा नक्षत्र (रात 10:33 बजे तक), तत्पश्चात स्वाति

चन्द्र राशि: तुला राशि (सुबह 10:04 बजे के बाद)

पक्ष व वार: आश्विन शुक्ल पक्ष, रविवार (सूर्य देव और मां शैलपुत्री का पावन दिन)

शुभ योग: लक्ष्मीनारायण योग, परिजात योग, मालव्य योग व सुनफा योग

शुभ चौघड़िया मुहूर्त और राहुकाल(Shardiya Navratri Panchang)

आज नवरात्र के पहले दिन घटस्थापना और किसी भी नए कार्य के आरंभ के लिए शुभ मुहूर्त (Aaj Ka Panchang) का विशेष ध्यान रखें. सुबह 10:15 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक लाभ और अमृत का चौघड़िया रहेगा, जो घटस्थापना के लिए अत्यंत उत्तम है. इसके अलावा दोपहर 02:00 बजे से 03:00 बजे तक शुभ का चौघड़िया रहेगा. वहीं, शाम के समय अशुभ राहुकाल शाम 04:30 बजे से 06:00 बजे तक रहेगा, जिसमें शुभ कार्यों से बचना चाहिए.

आज का दिशाशूल

शास्त्रों के अनुसार रविवार के दिन पश्चिम दिशा में यात्रा करना शुभ माना गया है, इसलिए आज पश्चिम दिशा के लिए यात्रा करना अनुकूल रहेगा. नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री को प्रसन्न करने के लिए कलश स्थापना के समय जौं (धान) बोएं, मां को गाय के घी का भोग लगाएं और लाल रंग के पुष्प अर्पित करें. इससे घर में सुख, शांति और समृद्धि का अखंड वास होता है.

आपने आज का पंचांग (Aaj Ka Panchang 11 october 2026) पढ़ लिया है. धर्म, ज्योतिष और अध्यात्म से जुड़ी अन्य सभी प्रामाणिक खबरों के लिए यहाँ क्लिक करें.

Rohit Agrawal

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