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Aaj Ka Panchang 29 November 2025: मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि आज, जानें आज के शुभ मुहूर्त, राहुकाल और पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र

Aaj Ka Panchang 29 November 2025: मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि के साथ आज का शनिवार कई मायनों में खास है. अगर आप दिन भर के शुभ-अशुभ समय, ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति और आज के महत्वपूर्ण योग को जानना चाहते हैं, तो यह पूरा पंचांग आपके लिए है. ताकि दिन की शुरुआत तय करना आपके लिए और आसान हो जाए.

तिथि, योग और करण

आज शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि रात 11:15 बजे तक प्रभावी रहेगी. तिथि के बाद आगे की योजना बनाने वालों के लिए यह समय खास माना जाता है.

सुबह 11:05 बजे तक हर्षण योग बन रहा है, जो कार्यों में सकारात्मकता और सफलता की संभावना बढ़ाता है.

करण की बात करें तो पहले बालव करण सुबह 11:50 बजे तक चलेगा और उसके बाद कौलव करण रात 11:15 बजे तक प्रभावी रहेगा.

सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रगति

सूर्योदय आज सुबह 6:55 बजे हुआ और सूर्यास्त 5:24 बजे होगा.

चंद्रमा दोपहर 1:18 बजे उदित होगा और रात 1:32 बजे (30 नवंबर) अस्त होगा.

सूर्य आज वृश्चिक राशि में है, जबकि चंद्रमा कुंभ राशि में शाम 8:33 बजे तक रहेगा. इसके बाद चंद्रमा आगे बढ़कर मीन में प्रवेश करेगा.

आज के शुभ मुहूर्त

जो लोग किसी नए काम की शुरुआत आज करना चाहते हैं, उनके लिए सबसे खास समय है अभिजीत मुहूर्त, जो सुबह 11:48 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक रहेगा.

इसके अलावा शाम 6:32 बजे से रात 8:05 बजे तक का अमृत काल भी बेहद शुभ माना गया है. इस दौरान शुरू किए गए काम में सफलता मिलने की संभावना रहती है.

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अशुभ काल जिन्हें टालना बेहतर

सुबह का राहुकाल आज 9:32 से 10:51 बजे तक रहेगा.

गुलिक काल सूर्योदय के साथ ही शुरू होकर 8:14 बजे तक चलेगा.

दोपहर का यमगण्ड समय 1:28 से 2:47 बजे तक रहेगा. इन कालों में महत्वपूर्ण या नए कार्यों की शुरुआत से बचना बेहतर माना गया है.

आज का नक्षत्र और उसका प्रभाव

आज चंद्रमा पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में यात्रा करेगा, जो देर रात 2:22 बजे (30 नवंबर) तक चलेगा.

इस नक्षत्र का स्वभाव थोड़ा गंभीर और अनुशासनप्रिय माना जाता है. कहा जाता है कि इस नक्षत्र में जन्मे लोग दृढ़ निश्चयी, ईमानदार और कभी-कभी थोड़े आक्रामक भी होते हैं.

स्वामी केतु होने से आध्यात्मिकता और गहराई का प्रभाव भी देखने को मिलता है. इस नक्षत्र के देवता हैं निरति, जो विनाश की शक्ति का प्रतिनिधित्व करती हैं, जबकि इसका प्रतीक है, पेड़ की जड़ें, यानी गहराई, स्थिरता और आधार.

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-भारत एक्सप्रेस

Radha Priya

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