राम मंदिर पुजारियों के लिए नए नियम
Ayodhya Ram Mandir Priests Rules: श्री राम जन्मभूमि मंदिर में पूजा-अर्चना और पुजारियों की जीवनशैली को लेकर कई बड़े और कड़े बदलाव किए गए हैं. मंदिर के गर्भगृह में अनुशासन, शुचिता और मर्यादा बनाए रखने के लिए पुजारियों के पहनावे, तिलक, क्षौर (पंचकेशी) और आचार-व्यवहार को लेकर विस्तृत निर्देश जारी किए गए हैं. इसके साथ ही मंदिर के गर्भगृह के भीतर मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है.
इसके साथ ही राम मंदिर निर्माण समिति की 3 दिवसीय उच्चस्तरीय बैठक भी रविवार से शुरू हो चुकी है, जिसमें मंदिर परिसर से जुड़े विकास कार्यों की तेज समीक्षा की जा रही है.
हाल ही में सामने आए नए दिशा-निर्देशों के मुताबिक, राम मंदिर के पुजारियों को निम्नलिखित नियमों का सख्ती से पालन करना होगा.
मोबाइल फोन पर रोक: पुजारियों को अब मंदिर के गर्भगृह में मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं होगी.
वेशभूषा और शुचिता: धर्म समिति द्वारा तय किए गए वस्त्रों को पहनना अनिवार्य होगा. इसके अलावा तिलक लगाना, पंचकेशी (क्षौर) का पालन करना और शौच के बाद बिना स्नान किए मंदिर या कोठार में प्रवेश न करने के कड़े निर्देश हैं.
ड्यूटी के दौरान अनुशासन: पुजारियों को अपनी सेवाकाल के दौरान आपस में बातचीत, समूह में चर्चा या हंसी-मजाक से दूर रहने को कहा गया है. साथ ही, ड्यूटी के वक्त मंदिर व्यवस्था, धर्मगुरुओं और आचार्यों के अलावा ट्रस्ट के अन्य कर्मचारियों या सुरक्षा कर्मियों से अनावश्यक बातचीत करने पर भी पाबंदी है.
भोग और प्रसाद की मर्यादा: मंदिर प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराए गए भोग प्रसाद के अलावा बाहर से किसी भी सामग्री को गर्भगृह में ले जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है.
इस पूरे मामले पर आचार्य इंद्रदेव मिश्रा का कहना है कि रामानंदी परंपरा के अनुसार ही राम मंदिर में पूजन-अर्चन कराया जा रहा है. मंदिर व्यवस्थापक के अनुसार, पुजारियों को कोई नया या विशेष आदेश जारी नहीं किया गया है, बल्कि उन्हें पूजा-अर्चना की प्राचीन मर्यादा और व्यवस्था की सही जानकारी दी गई है. उल्लेखनीय है कि कृष्ण जन्माष्टमी के बाद से राम मंदिर में आरती की प्रक्रिया में भी बदलाव किए गए हैं.
इन आंतरिक व्यवस्थाओं के बीच, अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति की तीन दिवसीय बैठक रविवार से शुरू हो गई है. समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने निर्माणाधीन स्मारक स्तंभ और पुराने अस्थायी मंदिर में सौंदर्यीकरण कार्यों का बारीकी से निरीक्षण किया.
सूत्रों के मुताबिक, स्मारक स्तंभ का निर्माण कार्य अब अपने अंतिम चरण में है. इसके बाद श्रद्धालु सुविधा केंद्र (PFC) के सभागार में अधिकारियों के साथ एक लंबी बैठक हुई, जिसमें मंदिर परिसर के चारों ओर लगभग 4 किलोमीटर लंबी बाहरी सुरक्षा दीवार के निर्माण समेत कई तकनीकी पहलुओं पर चर्चा की गई. इस बैठक में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नवनियुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) रिटायर एयर मार्शल जितेन्द्र मिश्रा के भी पहली बार शामिल होने की संभावना है.
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