गणेश चतुर्थी पर बच्चों से कराएं ये काम
Ganesh Chaturthi 2026: गणेश चतुर्थी का त्योहार आते ही घरों में एक अलग ही रौनक और उत्साह देखने को मिलने लगता है. चारों तरफ बस गजानन के जयकारे गूंजते हैं और हर कोई बप्पा के स्वागत की तैयारियों में जुट जाता है. लेकिन जरा सोचिए, यह दस दिन का महापर्व सिर्फ पूजा-पाठ, मोदक खाने और सजावट तक ही सीमित क्यों रहे? अगर आप इस बार घर में बप्पा की स्थापना कर रहे हैं, तो यह मौका बच्चों को जिंदगी के कुछ बेहद जरूरी सबक सिखाने का सबसे बेहतरीन समय है.
भगवान गणेश को बुद्धि, विवेक और विघ्नहर्ता माना जाता है, इसलिए बच्चों को इस पावन अवसर पर छोटी-छोटी जिम्मेदारियां सौंपकर आप उन्हें अच्छे संस्कार दे सकते हैं. आइए जानते हैं कि इस Ganesh Chaturthi आप अपने बच्चों से कौन से खास काम करवा सकते हैं, जिससे उन्हें धर्म के साथ-साथ जीवन की बड़ी सीख भी मिले.
स्थापना से ठीक पहले बच्चों को पूजा स्थल और घर के कोने-कोने की सफाई में शामिल करें. उन्हें प्यार से समझाएं कि भगवान के स्वागत से पहले तन, मन और घर की पवित्रता उतनी ही जरूरी है जितनी की पूजा. जब वे खुद झाड़ू लगाएंगे या फूलों से मंदिर सजाएंगे, तो उन्हें चीजों को संभालकर रखने और सफाई का असली महत्व समझ आएगा.
बाजार की मिठाइयों के बजाय बच्चों को अपने साथ मिलकर मोदक या कोई सात्विक भोग तैयार करने में लगाएं. जब बप्पा को भोग अर्पित करने की बारी आए, तो यह जिम्मेदारी बच्चों को ही सौंपें. उन्हें बताएं कि भगवान को भोग लगाने का मतलब सिर्फ प्रसाद चढ़ाना नहीं है, बल्कि अपने भोजन और मेहनत के प्रति आभार जताना भी है. इससे उनमें भारतीय परंपराओं के प्रति जुड़ाव पैदा होगा और क्रिएटिविटी भी बढ़ेगी.
बप्पा की स्थापना के बाद बच्चों के साथ बैठकर कुछ मिनटों के लिए ‘ॐ गं गणपतये नमः’ का जाप करें. उन्हें बताएं कि गणेश जी बुद्धि के देवता हैं और उनका स्मरण करने से मन शांत होता है. यह छोटा सा अभ्यास उनकी पढ़ाई में एकाग्रता और जीवन में सकारात्मक सोच की नींव मजबूत करेगा.
ये भी पढ़ें- अश्लेषा नक्षत्र में बन रहा शुभ योगों का संगम…! राहुकाल और शुभ मुहूर्त समेत जान लें आज का पूरा पंचांग
पूजा संपन्न होने के बाद बच्चों को घर के बुजुर्गों के पैर छूकर आशीर्वाद लेने के लिए कहें. इस दौरान उन्हें गणेश जी की वह पौराणिक कथा जरूर सुनाएं जिसमें उन्होंने अपने माता-पिता- शिव और पार्वती को ही पूरी कायनात मानकर उनकी परिक्रमा की थी. बच्चों को यह बात आसानी से समझ आ जाएगी कि माता-पिता के आशीर्वाद के बिना दुनिया का कोई भी काम पूरा नहीं होता.
त्योहारों की असली खुशी बांटने से ही मिलती है. बच्चों को प्रेरित करें कि वे अपनी क्षमता के अनुसार किसी जरूरतमंद को फल, भोजन या कोई उपयोगी वस्तु दान करें. उन्हें समझाएं कि पूजा-पाठ के साथ-साथ गरीबों की मदद करना और उनके चेहरे पर मुस्कान लाना भी भगवान की सबसे बड़ी सेवा है. इससे बच्चों में दूसरों के प्रति संवेदनशीलता और दयालुता के गुण विकसित होंगे.
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
PM Modi Haryana BJP Meeting: हरियाणा सीएम नायब सिंह सैनी, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष अर्चना गुप्ता…
Gajendra Singh Shekhawat: केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के जन्मदिन पर भाजपा सांसद विनोद तावड़े…
रिकॉर्ड ऊंचाई से नीचे आने के बाद सोने और चांदी की कीमतों में लगातार सुस्ती…
Diwali Gift UP Teachers: यूपी के परिषदीय स्कूलों में 2016 से अटका शिक्षकों का प्रमोशन…
आसमान में हुए जानलेवा हमले के बीच सूझबूझ दिखाकर 174 यात्रियों की जान बचाने वाले…
Smit Machchhar Attack: फ्लाईदुबई FZ1073 में कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला करने वाले को-पायलट की…