आस्था

साक्षात प्रकट हुए महादेव? स्वामी कैलाशानन्द गिरी द्वारा जलाभिषेक के वक्त शिवलिंग पर दिखे ‘ॐ’ के दर्शन

Sawan Spiritual Mystery: पवित्र सावन के पावन महीने में भगवान शिव की आराधना का दौर पूरे चरम पर है. इसी बीच उत्तराखंड की धर्मनगरी से एक ऐसी अलौकिक और विस्मयकारी खबर सामने आई है, जिसने देश भर के करोड़ों शिव भक्तों को आस्था और श्रद्धा से सराबोर कर दिया है.

बता दें कि आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानन्द गिरी जी महाराज जब पूर्ण विधि-विधान, वैदिक मंत्रोच्चार और कठोर निष्ठा के साथ भगवान शिव का भव्य रुद्राभिषेक कर रहे थे, ठीक उसी दौरान शिवलिंग पर एक बेहद अद्भुत और अलौकिक आकृति उभरती हुई दिखाई दी.

वहां मौजूद हजारों श्रद्धालुओं को शिवलिंग पर साक्षात सृष्टि के मूल नाद ‘ॐ’ (ओम) की आकृति के स्पष्ट दर्शन हुए, जिसके बाद पूरा पांडाल ‘हर-हर महादेव’ और ‘जय शिव शंभू’ के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा.

जानिए इस दिव्य संकेत का मर्म(Shivling Om Symbol)

सनातन परंपरा और वैदिक उपनिषदों में ‘ॐ’ को केवल एक पवित्र अक्षर नहीं, बल्कि संपूर्ण ब्रह्मांड का मूल स्वरूप और स्वयं भगवान शिव का साकार प्रणव रूप माना गया है. शिव पुराण के अनुसार, जहां सच्चा भाव, मंत्रों की प्रचंड ध्वनि और निस्वार्थ साधना होती है, वहां ईश्वर की चेतना स्वतः प्रवाहित होने लगती है.

स्वामी कैलाशानन्द गिरी जी महाराज की वर्षों की अखंड तपस्या, नियम और कठोर अनुशासन का ही परिणाम है कि इस रुद्राभिषेक के दौरान पूरा वातावरण एक अलौकिक आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया. भक्तों का मानना है कि पवित्र जल और दूध के जलाभिषेक के बीच ‘ॐ’ की आकृति का यह दृश्य साक्षात महादेव की असीम अनुकंपा और उपस्थिति का सजीव प्रमाण है.

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आध्यात्मिक चेतना जगाने का शाश्वत संदेश

हालांकि, पूज्य संतों और आध्यात्मिक गुरुओं का हमेशा से यही मानना रहा है कि ऐसे अलौकिक अनुभवों को किसी बाहरी भौतिक चमत्कार से ज्यादा अपनी व्यक्तिगत आस्था, श्रद्धा और आत्मिक शुद्धि के रूप में देखना चाहिए. रुद्राभिषेक का वास्तविक उद्देश्य सिर्फ जल अर्पित करना भर नहीं है बल्कि मन, कर्म और विचारों को स्वच्छ बनाना है.

सावन का यह पावन अवसर हर सनातनी को यही संदेश देता है कि बाहरी आकृतियों के दर्शन से ज्यादा यदि हमारे भीतर करुणा, सत्य, भक्ति और शांति का उदय होता है, तो वही वास्तव में साक्षात ‘ॐ’ का साक्षात्कार और शिवत्व की प्राप्ति है.

-भारत एक्सप्रेस

Rohit Agrawal

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