Shakib Al Hasan news: बांग्लादेश क्रिकेट के सबसे बड़े सितारों में गिने जाने वाले शाकिब अल हसन (Shakib Al Hasan) आज अपने खेल से ज्यादा राजनीति की वजह से चर्चा में हैं. जिस खिलाड़ी को कभी पूरे देश ने सिर आंखों पर बिठाया था, आज उसी के खिलाफ गुस्सा सड़कों पर दिखाई दे रहा है. हालात इतने बिगड़ गए कि उनके बांग्लादेश स्थित घर पर पेट्रोल बम से हमला किया. सवाल यही है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि एक राष्ट्रीय क्रिकेट हीरो अचानक विवादों के केंद्र में आ गया?
ताजा विवाद की शुरुआत 5 अगस्त 2026 को हुई, जब बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना (Sheikh Hasina) करीब दो साल बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए सामने आईं. इस कार्यक्रम में शाकिब अल हसन भी ऑनलाइन जुड़े थे. जैसे ही यह जानकारी सामने आई, देश के कई हिस्सों में विरोध शुरू हो गया. गुस्साए लोगों ने शाकिब के घर को निशाना बनाया और वहां पेट्रोल बम फेंककर आग लगा दी.
शाकिब और शेख हसीना के बीच शुरुआत में सिर्फ एक प्रधानमंत्री और देश के सबसे सफल क्रिकेटर का रिश्ता था. 2006 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखने के बाद शाकिब ने अपनी शानदार बल्लेबाजी और गेंदबाजी से बांग्लादेश को कई यादगार जीत दिलाईं. शेख हसीना भी अक्सर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाती थीं और कई मौकों पर उन्होंने शाकिब का खुलकर समर्थन किया. यहां तक कि 2019 में आईसीसी द्वारा लगाए गए प्रतिबंध के दौरान भी उन्होंने सार्वजनिक रूप से उनका साथ दिया था.
साल 2023 में शाकिब ने शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग का दामन थाम लिया. जनवरी 2024 के आम चुनाव में उन्होंने मागुरा-1 सीट से जीत दर्ज कर संसद में जगह बनाई. हालांकि विपक्ष ने इन चुनावों पर सवाल उठाए, लेकिन इसके बाद शाकिब की पहचान सिर्फ एक क्रिकेटर तक सीमित नहीं रही. वे सत्ताधारी दल के प्रमुख चेहरों में शामिल हो गए.
अगस्त 2024 में छात्र आंदोलन और राजनीतिक उथल-पुथल के बाद शेख हसीना को देश छोड़ना पड़ा. इसके साथ ही अवामी लीग की सरकार सत्ता से बाहर हो गई. नई राजनीतिक व्यवस्था बनने के बाद अवामी लीग से जुड़े कई नेताओं और समर्थकों पर कार्रवाई शुरू हुई. शाकिब उस समय विदेश में थे और बाद में अमेरिका में रहने लगे. आंदोलन के दौरान उनकी चुप्पी और शेख हसीना से लगातार जुड़ाव ने उनके खिलाफ जनभावना को और मजबूत कर दिया.
सरकार बदलने के बाद शाकिब के खिलाफ कई कानूनी जांच भी शुरू हुईं. बांग्लादेश के भ्रष्टाचार निरोधक आयोग ने उन पर, उनकी मां शिरीन अख्तर और कुछ अन्य लोगों पर गबन, धोखाधड़ी, मनी लॉन्ड्रिंग और शेयर बाजार में कथित हेरफेर जैसे आरोपों की जांच शुरू की. इसके अलावा चेक धोखाधड़ी और छात्र आंदोलन के दौरान हुई हिंसा से जुड़े एक हत्या के मामले में भी उनका नाम सामने आया. हालांकि शाकिब के समर्थकों का कहना है कि ये सभी मामले राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा हैं.
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1987 में मागुरा में जन्मे शाकिब अल हसन ने करीब दो दशक लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर में 447 मैच खेले. इस दौरान उन्होंने 14,730 रन बनाए और 712 विकेट लेकर खुद को बांग्लादेश का सबसे महान ऑलराउंडर साबित किया. दिसंबर 2025 में उन्होंने अपने पहले दिए गए संन्यास के फैसले से पीछे हटते हुए कहा था कि वे अपने घरेलू मैदान पर खेलकर सम्मानजनक विदाई लेना चाहते हैं.
फिलहाल 39 वर्षीय शाकिब ज्यादातर समय अमेरिका में रहते हैं और दुनिया भर की टी20 लीगों में हिस्सा लेते हैं. वे कई बार बांग्लादेश लौटने की इच्छा जता चुके हैं, लेकिन मौजूदा राजनीतिक हालात को देखते हुए उनकी वापसी फिलहाल आसान नहीं मानी जा रही. एक समय देश के सबसे बड़े क्रिकेट आइकन रहे शाकिब अल हसन की कहानी अब खेल से ज्यादा राजनीति और विवादों के इर्द-गिर्द घूमती नजर आ रही है.
-भारत एक्सप्रेस
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