खेल

गरीबी नहीं बनने दी बुलंदियों में रोड़ा, अनंतनाग के भट सालिक ने जीते 2 गोल्ड मेडल

Rayees Ahmad Magray


जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के दूर-दराज इलाके से निकलकर भट सालिक उल इस्लाम ने अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है. सीमित आर्थिक संसाधनों और कई चुनौतियों के बावजूद सालिक ने नई दिल्ली में आयोजित WEKAF वर्ल्ड अर्नीस चैंपियनशिप 2026 में दो गोल्ड मेडल जीतकर बड़ी उपलब्धि हासिल की. उनकी इस सफलता ने परिवार और पूरे समुदाय का गौरव बढ़ाया है.

मुश्किल हालात में भी नहीं छोड़ा सपना

भट सालिक उल इस्लाम अनंतनाग जिले के खयार इलाके के एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखते हैं. आर्थिक परेशानियां उनके रास्ते में चुनौती जरूर बनीं, लेकिन उन्होंने अपने खेल के जुनून को कभी कम नहीं होने दिया. अर्नीस में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए सालिक ने लगातार मेहनत और कठिन प्रशिक्षण का सहारा लिया. इस सफर में उनके माता-पिता ने भी उनका पूरा साथ दिया. सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने सालिक का हौसला बढ़ाया और उन्हें अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया. परिवार के इसी समर्थन ने उनके आत्मविश्वास को मजबूत किया.

पढ़ाई के साथ खेल पर भी फोकस

सालिक ने अपनी शुरुआती पढ़ाई लीडर्स स्कूल, ऐशमुकाम से की. फिलहाल वह हायर सेकेंडरी स्कूल, ऐशमुकाम में 12वीं कक्षा के छात्र हैं. पढ़ाई की जिम्मेदारियों के साथ-साथ उन्होंने खेल के लिए भी अपना समय और ऊर्जा समर्पित की. सालिक के लिए यह सफर आसान नहीं था. उन्हें अपनी पढ़ाई और ट्रेनिंग के बीच संतुलन बनाना पड़ा. इसके बावजूद उन्होंने अपनी मेहनत जारी रखी और लगातार अपने प्रदर्शन को बेहतर करने की कोशिश की.

दो गोल्ड ने बढ़ाया हौसला

सालिक की मेहनत का सबसे बड़ा परिणाम WEKAF वर्ल्ड अर्नीस चैंपियनशिप 2026 में देखने को मिला, जहां उन्होंने दो गोल्ड मेडल अपने नाम किए. इस उपलब्धि के बाद उनके हौसले और भी बुलंद हैं.  दूर-दराज क्षेत्र से निकलकर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में सफलता हासिल करने वाले सालिक अब बड़े मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने का सपना देख रहे हैं. उनका लक्ष्य आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए और पदक जीतना है.

यह भी पढ़ें: भारत ने जीता 600वां टेस्ट: श्रीलंका को गॉल में दी करारी शिकस्त, सीरीज में 1-0 की बढ़त

युवाओं के लिए बने प्रेरणा

भट सालिक की कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो आर्थिक या सामाजिक चुनौतियों के कारण अपने सपनों को अधूरा छोड़ने का विचार करते हैं. उनकी सफलता बताती है कि मजबूत इच्छाशक्ति, निरंतर मेहनत और परिवार के सहयोग से मुश्किल परिस्थितियों को भी अवसर में बदला जा सकता है. अब सालिक की नजर भविष्य की बड़ी प्रतियोगिताओं पर है, जहां वह भारत का नाम रोशन करने के लिए पूरी तैयारी के साथ उतरना चाहते हैं.

  • भारत एक्सप्रेस
Swati Pandey

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