Nana Patekar On Virat Kohli: 1 जनवरी 1951 को महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में जन्मे विश्वनाथ पाटेकर, जिन्हें दुनिया ‘नाना पाटेकर’ के नाम से जानती है, भारतीय सिनेमा के सबसे सशक्त अभिनेताओं में से एक हैं. रंगमंच के रास्ते सिनेमा की दुनिया में कदम रखने वाले नाना पाटेकर ने तीन बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और पद्मश्री सम्मान अपने नाम किया है.
बॉलीवुड के दिग्गज और मशहूर अभिनेता नाना पाटेकर का निधन हो गया है. पाटेकर को गोवा स्थित उनके घर पर गंभीर कार्डियक अरेस्ट आया. मेडिकल टीम उनकी चिकित्सा के लिए उनके घर पहुंची, लेकिन वह अचेत अवस्था में थे. इसके बाद उन्हें मणिपाल हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां सुबह 5:20 मिनट पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. नाना पाटेकर ने 75 साल की उम्र में अपनी आखिरी सांस ली.
नाना पाटेकर का भारतीय सिनेमा में बड़ा प्रभाव रहा है. उन्होंने अपने विविधतापूर्ण और उत्कृष्ट अभिनय से हिंदी सिनेमा को समृद्ध किया. इसके लिए उन्हें जनता और आलोचकों दोनों का प्यार मिला, लेकिन नाना पाटेकर का पहला प्यार सिनेमा नहीं, बल्कि क्रिकेट था. इस बात का जिक्र उन्होंने करीब 11 साल पहले दिए एक इंटरव्यू में किया था.
नाना ने कहा था कि वह बचपन में अच्छे क्रिकेटर थे और ऑफ स्पिन गेंदबाजी करते थे. शिवाजी पार्क में अभ्यास करने वाले बल्लेबाजों के लिए वह गेंदबाजी करते थे. गरीबी की वजह से वह क्रिकेट में आगे नहीं बढ़ पाए. पाटेकर ने कहा था कि भारत-पाकिस्तान मैच के दौरान मैं टीवी से हटता नहीं था.
उन्होंने कहा था कि क्रिकेट के प्रति रोमांच उनमें आज भी उसी स्तर का है. आज भी 10 दिन के अभ्यास के बाद मैं अच्छी गेंदबाजी कर सकता हूं. पाटेकर ने कहा था कि विराट कोहली मेरे फेवरेट क्रिकेटर हैं, और उनके जल्दी आउट होने पर मेरा खाना खाने का मन नहीं करता.
नाना पाटेकर का यह इंटरव्यू इस बात का सबूत है कि उनके निधन से सिर्फ बॉलीवुड गरीब नहीं हुआ है. बल्कि, क्रिकेट ने भी अपना एक रोमांचक फैन खो दिया है.
नाना पाटेकर का जन्म 1 जनवरी 1951 को महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के मुरुद में हुआ था. उनका वास्तविक नाम विश्वनाथ पाटेकर था. पद्मश्री से सम्मानित अभिनेता रंगमंच के रास्ते सिनेमा में आए थे. 1978 से 2026 तक एक सशक्त अभिनेता के रूप में सक्रिय रहे नाना पाटेकर के करियर की प्रमुख फिल्मों में सलाम बॉम्बे, परिंदा, तिंरगा, क्रांतिवीर, वजूद, अंकुश, खामोशी, शक्ति, राजनीति, वेलकम का नाम लिया जाता है.
वह मराठी फिल्मों में भी सक्रिय रहे. नटसम्राट उनकी बेहद प्रशंसित और सफल मराठी फिल्म रही है. नाना पाटेकर को तीन बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और चार बार फिल्म फेयर पुरस्कार से सम्मानित किया गया था.
यह भी पढ़ें-96 रन बनाकर भी पाकिस्तान को नहीं जिता सके हसन नवाज, बोले- ‘आज भी है उसका दर्द’
-भारत एक्सप्रेस
कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी पर भारतीय नागरिकता मिलने से पूर्व मतदाता सूची में…
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सपा नेता आजम खान और मौलाना मोहम्मद…
छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (CSMIA) ने टर्मिनल 1 (T1) के पुनर्विकास की पहली कलात्मक…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के टीबी उन्मूलन के संकल्प को साकार करने के लिए अंडमान-निकोबार के…
श्री विजयपुरम स्थित लोक निवास में उपराज्यपाल डॉ. दिनेश शर्मा ने सभी विभागों की उच्चस्तरीय…
गाजियाबाद के सनसिटी में दिव्य प्रेम सेवा मिशन द्वारा आयोजित छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन…