एशियन गेम्स के पुरुष क्रिकेट फाइनल में भारत के हाथों मिली करारी हार का जख्म पाकिस्तानी खिलाड़ियों के दिलों में आज भी हरा है. पाकिस्तान के मध्यक्रम के बल्लेबाज हसन नवाज ने हाल ही में उस खिताबी मुकाबले को लेकर खुलकर अपनी बात रखी है. उन्होंने स्वीकार किया कि दुनिया की नंबर-वन टीम भारत के खिलाफ गोल्ड मेडल का मैच हारने का मलाल उन्हें आज भी सताता है.
गौरतलब है कि जापान में खेले गए इस सांस रोक देने वाले फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने पाकिस्तान को 19 रनों से हराकर गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया था.
96 रनों की जुझारू पारी भी नहीं दिला सकी जीत
इस हाई-वोल्टेज मैच में हसन नवाज ने एक छोर संभालते हुए 96 रनों की धमाकेदार पारी खेली थी, लेकिन वह अपनी टीम को जीत की दहलीज पार नहीं करा सके. मीडिया से बात करते हुए नवाज ने कहा कि व्यक्तिगत रूप से वह अपने प्रदर्शन से संतुष्ट हैं, लेकिन टीम को चैंपियन न बना पाने की कसक हमेशा रहेगी.
उन्होंने बताया, ‘मैं अपनी तय रणनीति के हिसाब से खेल रहा था. मुझे मालूम था कि भारत के पास एक गेंदबाज की कमी है और जसप्रीत बुमराह का सिर्फ एक ओवर बचा था. लेकिन रन-चेज के दौरान हमने कुछ छोटी-छोटी गलतियां कर दीं और वही भारी पड़ गईं.’
टीम इंडिया से मुकाबला हमेशा बड़ी चुनौती: नवाज
लंबे समय तक टीम से बाहर रहने के बाद मैदान पर वापसी करने वाले हसन नवाज ने कहा कि भारत जैसी मजबूत और विश्वस्तरीय टीम के खिलाफ इस तरह की पारी खेलना उनके लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाला रहा.
उन्होंने माना कि भारत के खिलाफ मुकाबला हमेशा बेहद दबाव वाला और चुनौतीपूर्ण होता है. नवाज ने कहा कि पाकिस्तानी टीम अब अपनी इन गलतियों से सबक लेकर आगामी घरेलू सीमित ओवरों की सीरीज में बेहतर प्रदर्शन करने के इरादे से मैदान में उतरेगी.
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-भारत एक्सप्रेस
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